
BHAGALPUR. भागलपुर में गंगा और कोसी नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है. लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं. फरक्का बराज के 108 फाटक खोल दिए गए हैं, जिससे जलस्तर में कमी की उम्मीद है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और प्रत्येक प्रभावित परिवार को 7,000 रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि जल्द उनके खाते में भेजी जाए.

24.64 लाख लोग प्रभावित, भागलपुर में 6 लाख पर असर
आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि गंगा किनारे के 10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में 24.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. इसमें भागलपुर में 6 लाख लोग शामिल हैं, जहां राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं. एनडीआरएफ की सात में से छह टीमें भागलपुर में तैनात हैं. राज्य में 60 मोटर बोट और 1,233 नावों के जरिए 37,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिसमें भागलपुर में 32,814 लोग शामिल हैं.

राहत कार्यों में तेजी
प्रत्यय अमृत ने बताया कि 52,573 लोगों को पॉलीथिन शीट और 1,785 लोगों को सूखा राशन पैकेट वितरित किए गए हैं. 8,811 लोग बाढ़ राहत शिविरों में ठहरे हैं, जहां उन्हें भोजन, वस्त्र और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं. 414 सामुदायिक किचन के जरिए 12.82 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में कोई कोताही न बरती जाए और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाई जाए.




