
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के मानिकपुर क्षेत्र में हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक 11 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चा खेलते-खेलते 11 केवी की गिरी हुई लाइन को छू बैठा और उसे बचाने के प्रयास में युवक रितेश मनहर (24) ने अपनी जान गंवा दी।
भीगा बांस बना मौत की वजह
बच्चे को बचाने के लिए रितेश ने पास ही स्थित त्रिमूर्ति मंदिर से बांस का डंडा लाकर उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन डंडा गीला होने के कारण करंट सीधे रितेश को लग गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जबकि बच्चा 90 प्रतिशत तक झुलस गया है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पहले से दी गई थी बिजली विभाग को सूचना
स्थानीय लोगों ने घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। साथ ही SECL बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि गिरी हुई लाइन की जानकारी पहले ही विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शव का पोस्टमार्टम करने से परिजनों का इनकार
वार्ड क्रमांक 33 के पार्षद नारायण कुर्रे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक रितेश के परिजनों ने मुआवजे की मांग करते हुए शव का पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया।
SECL ने घोषित किया मुआवजा
SECL प्रबंधन ने मृतक रितेश मनहर के परिवार को 1 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। इसमें से 25,000 रुपए तत्काल सहायता के रूप में दिए गए हैं। वहीं, घायल वीरेंद्र यादव के परिवार को भी 25,000 रुपए की मदद दी गई है।घटना के बाद SECL के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं। मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।




