Bihar Election 2025: ‘She Power’ ने बनाया नया रिकॉर्ड, पुरुषों को 8.8 प्रतिशत से पीछे किया
Bihar Election 2025: 'She Power' महिला मतदान पुरुषों से 8.8 प्वाइंट अधिक, रिकॉर्ड 66.91% टर्नआउट। महिलाओं की भागीदारी 71.6% रही जबकि पुरुषों का मतदान 62.8% — चुनाव आयोग ने कहा यह राज्य का अब तक का सर्वाधिक मतदान है।
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदाता उत्साह ऐतिहासिक रहा। चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल मतदान 66.91 प्रतिशत दर्ज हुआ — यह स्वतंत्रता के बाद से बिहार का अब तक का उच्चतम मतदान प्रतिशत है। चुनाव आयोग ने बताया कि महिला मतदान 71.6% रहा जबकि पुरुष मतदान 62.8% दर्ज किया गया, यानी महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में लगभग 8.8 प्रतिशत अंक अधिक भागीदारी दिखाई।
दो चरणों में कराये गये मतदान में महिलाओं की भागीदारी लगातार उच्च रही। पहले चरण में महिला भागीदारी 69.04% और दूसरे चरण में 74.03% रही, जबकि समान चरणों में पुरुषों का मतदान क्रमशः 61.56% तथा 64.1% रहा। कुल मिलाकर दोनों चरणों के जोड़ पर महिला मतदान 71.6% और पुरुष मतदान 62.8% रहा।
चुनाव आयोग और सरकारी अधिकारियों ने इस रिकॉर्ड भागीदारी को लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत बताया। चुनाव आयुक्तों ने कहा कि सुरक्षा-व्यवस्था, मतदान केन्द्रों पर सुचारू व्यवस्थाएं और मतदाता जागरूकता अभियानों का इससे सकारात्मक असर दिखा। आधिकारिक प्रेस नोट में भी उच्चतम मतदान और विशेषकर महिला भागीदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।
फेज-2 में कुछ जिलों ने बहुत अधिक उत्साह दिखाया; रिपोर्टों के अनुसार कटिहार जिले ने लगभग 78.6% मतदान का रिकॉर्ड बनाया। इस तरह के प्रादेशिक उछाल ने कुल टर्नआउट को और बढ़ावा दिया। मीडिया लाइव कवरेज और स्थानीय प्रशासन की समन्वित तैयारियों को भी इस सफलता का हिस्सा माना जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बार महिला मतदान बढ़ने के कई कारण हैं — राजनीतिक दलों की लक्षित ग्रामीण-महिला पॉलिटिक्स, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर ध्यान, और चुनाव आयोग के विशेष व्यवस्थाएँ (महिला-प्राधान मतदान केन्द्र, सुरक्षित मतदान मार्ग आदि)। कुछ टिप्पणीकारों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और संगठनात्मक काम ने भी यह फर्क लाया है।
चुनाव की प्रक्रियात्मक सुरक्षा पर भी शख्त कदम उठाये गये। आयोग और पुलिस ने सुरक्षा-व्यवस्था, वाहन-नियंत्रण और ईवीएम/वीवीपैट व्यवस्थाओं के साथ-साथ मतदाता सहजता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया। चुनावी दिन मद्यपान और अनुचित दबाव रोकने के लिये संचालनात्मक कार्रवाइयां भी चलायी गयीं, जिनके कई थोक-जब्तियों की खबरें आयीं।
राजनीतिक परिदृश्य पर इस उच्च महिला मतदान का असर किस तरह पड़ेगा, यह अगले परिणामों पर निर्भर करेगा; कुछ एग्जिट-पोल्स ने हाई टर्नआउट के कारण सत्तारूढ़ गठबंधनों को लाभ पहुंचने का अनुमान जताया है, वहीं विपक्ष इस निष्कर्ष से असहमत दिखा। ग्राउंड-रियलिटी में महिला मतदाता-ब्लॉक की दिशा और प्राथमिकताएँ स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार-कैंडिडेट्स के आधार पर विभाजित दिखती हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार कुल मतदाताओं (electors) की संख्या और चरणवार भागीदारी के विस्तृत आंकड़े भी जारी किये गये हैं। आयोग ने कहा कि पोस्ट-पोल प्रक्रियाएं और मतगणना नियत तिथियों पर पारदर्शी तरीके से की जाएंगी। चुनावी प्रशासन ने सभी संबंधित रिपोर्टों को सार्वजनिक करने और आवश्यकता पड़ने पर आगे की जांच तथा सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में रिकॉर्ड टर्नआउट और विशेषकर महिलाओं की बढ़ी भागीदारी ने राज्य के लोकतांत्रिक परिदृश्य को नया आयाम दिया है। यह देखा जाना बाकी है कि किस तरह इस उच्च मतदान का राजनीतिक परिणामों पर प्रभाव पड़ेगा, परन्तु महिलाओं की सक्रिय भागीदारी निर्विवाद रूप से इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक बनी है।

“66.91% मतदान — यह राज्य का सर्वाधिक मतदान है; महिलाओं की भागीदारी 71.6% रही।” — चुनाव आयोग
कुल टर्नआउट: 66.91%.
महिला मतदान: 71.6%; पुरुष मतदान: 62.8% (अंतर 8.8 प्वाइंट).
कुल मतदाता सूची (electors): 7,45,26,858 (दोनों चरणों का जोड़).
हाई-टर्नआउट जिला : कटिहार : 78.6%।
बिहार में मतदान का इतिहास लंबा है; 1951 के बाद यह अब तक का सबसे ऊँचा टर्नआउट माना जा रहा है। सामाजिक बदलाव, चुनावी एजेंडा, और मतदाता-सुविधा में सुधार इस रिकॉर्ड में सहायक माने जा रहे हैं।




