शादी की खुशियां मातम में बदलीं: सिराउली के शिवपुरी में हर्ष फायरिंग ने ली 23 साल के युवक की जान, सुरक्षा व कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
बारात में मची अफरा-तफरी, गोली लगने से रिजवान की मौत; सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

बरेली : शादी का जश्न, डीजे की तेज़ धुनें और उत्साह से भरी बारात—इसी खुशी के माहौल में सिराउली थाना क्षेत्र के शिवपुरी गांव में शनिवार रात वह हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। हर्ष फायरिंग की कथित घटना में 23 वर्षीय बाराती रिजवान की गोली लगने से मौत हो गई। यह हादसा न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है बल्कि उस सामाजिक प्रवृत्ति की भी दुखद याद दिलाता है, जिसमें ‘जश्न’ के नाम पर हथियारों का प्रदर्शन आम होता जा रहा है।
बारात बैंक्वेट हॉल के पास पहुंची, तभी चली गोलियां
रात करीब नौ बजे जैसे ही बारात बैंक्वेट हॉल के सामने पहुंची, भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। गवाहों का कहना है कि संगीत और भीड़ में अचानक गोलियों की आवाज़ से भगदड़ मच गई। इसी दौरान सामने चल रही बारात में शामिल रिजवान के माथे पर गोली आ लगी और वह मौके पर गिर पड़ा।
बरेली रेफर, पर जान नहीं बच सकी
घटना के बाद पुलिस टीम ने घायल रिजवान को तुरंत बरेली जिला अस्पताल रेफर कराया, लेकिन रविवार देर रात उसने दम तोड़ दिया। परिवार में कोहराम मच गया—जहां कुछ ही घंटों पहले शादी की रौनक थी, वहां गम का माहौल छा गया।
पुलिस ने हर्ष फायरिंग की पुष्टि की—सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं
सिराउली थाना प्रभारी विनोद कुमार के अनुसार, “प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट रूप से हर्ष फायरिंग का मामला है।”
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और कार्यक्रम में शामिल लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि गोली किसके हथियार से चली।
दुखद घटना के बीच जल्दबाज़ी में पूरे किए गए शादी के रस्म
बारात में आए रिश्तेदारों के अनुसार, दूल्हा पक्ष सदमे में था, लेकिन सामाजिक दबाव और रस्मों को देखते हुए गंभीर माहौल में शादी की प्रक्रिया पूरी की गई। कई महिलाओं और परिजनों की हालत खराब होने पर उन्हें भी प्राथमिक उपचार देना पड़ा।
हर्ष फायरिंग पर प्रतिबंध, फिर भी बढ़ती घटनाएं
उत्तर प्रदेश में हर्ष फायरिंग पर सख्त प्रतिबंध है। बावजूद इसके, शादियों, जुलूसों और आयोजनों में हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन और फायरिंग लगातार सामने आती रही है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि—
“शादी समारोहों में हथियार ले जाने पर कड़ी स्क्रीनिंग, आयोजकों की जिम्मेदारी तय करना और ऐसे मामलों में त्वरित गिरफ्तारी जरूरी है, तभी हर्ष फायरिंग जैसी घटनाओं पर रोक लग सकती है।”
परिवार ने की न्याय की मांग
रिजवान के परिजनों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में कई लोग हथियार लेकर घूम रहे थे और आयोजकों ने सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर दहशत—लोग बोले: यह सिर्फ लापरवाही नहीं, अपराध है
गांव और आस-पास के क्षेत्र में इस घटना के बाद गहरा रोष है। ग्रामीणों ने कहा कि “हर्ष फायरिंग पर रोक सिर्फ कागजों पर है, ज़मीनी स्तर पर सख्ती नहीं दिखती।”




