
रायगढ़: कोरोना के संभावित खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास में डमी मरीज को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाकर चिकित्सकों द्वारा कोरोना संक्रमण के इलाज की प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास किया गया।
देश के कई राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी कोरोना के कुछ मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी तेज कर दी है। इसी संदर्भ में 5 जुलाई को स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में यह मॉक ड्रिल संपन्न हुई।
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डमी मरीज को एम्बुलेंस से अस्पताल लाते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हो गया। पीपीई किट पहने स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त स्ट्रेचर पर लेकर 24 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने ऑक्सीमीटर से मरीज का ऑक्सीजन स्तर जांचा और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा। वेंटिलेटर, मल्टी पैरामीटर और वाइटल साइन मशीन के जरिए भी लगातार मरीज की स्थिति मॉनिटर की गई।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. मिंज ने मॉक ड्रिल के दौरान मरीजों की देखभाल, कोविड जांच, ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की तत्परता और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल में सैनिटाइज़र, दवाइयों और ऑक्सीजन की उपलब्धता की भी जांच की गई।
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इस अभ्यास में डॉ. एम.के. मिंज, डॉ. ए.एम. लकड़ा, डॉ. एस.के. माने, डॉ. सविता अहीरवाल सहित चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स अमरशीला, विनोद मसीह, किशोर प्रधान, कमलेश साहू, रघुनाथ शर्मा, दीपक जांगड़े और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे।




