अनुसूचित जाति के लोगों को महामाया पहाड़ में पट्टा दे सरकार- बीजेपी

अम्बिकापुर/रोमी सिद्दीकी। भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि महामाया पहाड़ में अवैध रूप से कब्जा कर के रहने वाले अनुसूचित जाति के लोगों को छोड़कर कर सभी लोगों को तत्काल जिला प्रशासन वहां से बेदखली करें व अनुसूचित जाति के लोगों को सरकार पट्टा दे। उक्त बातें श्री दुबे ने आज पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने ने यह भी कहा कि वे जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट से वे संतुष्ट हैं। हाल के दिनों में राजनीतिक अखाड़ा का केन्द्र बन चुका महामाया पहाड़ अतिक्रमण मामला में आए दिन नयी नयी बात सामने आ रही है। पत्रकार वार्ता में भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने उस समय सबको चौकाया दिया जब उनसे पूछा गया कि महामाया पहाड़ में बरसों से अवैध रूप से रहने वाले कुछ लोगों के द्वारा कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंप पट्टा देने की मांग की है तो इसके जवाब में श्री दुबे ने कहा कि मै उनके मांग का समर्थन करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ज्ञापन सौंपने आए थे वे अनुसूचित जाति के लोग हैं और वे रियासत काल से वह रहते आ रहे हैं ऐसे में उन्हें पट्टा दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस अपना पक्ष स्पष्ट करें
भाजपा पार्षद वाले दुबे ने पत्रकार वार्ता के दौरान यह भी कहा कि जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें उन्होंने कब्जा धारियों की सूची जारी भी कर दी है ऐसे में कांग्रेसी के जनप्रतिनिधियों से मांग करते हैं कि क्या वे अवैध कब्जा धारियों को महामाया पहाड़ से तत्काल हटाने के लिए कलेक्टर सरगुजा वन विभाग के डीएफओ को पत्र लिखेंगे श्री दुबे ने यह भी कहा कि कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों को अपना स्टैंड साफ करना चाहिए।
वर्ग विशेष के लोगों को बसाया गया है,वन विभाग ने दबाव में किया है कार्य
भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं पर एक वर्ग विशेष को महामाया पहाड़ में बसाने का आरोप लगाते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लगा है. उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन डीएफओ के द्वारा 2017 में बेदखली का आदेश जारी कर दिया गया था लेकिन कांग्रेस के नेताओं के दबाव में वह नहीं सका और 2018 मे कांग्रेस की सरकार बन गई जिसके कारण कार्यवाही नहीं हो सकी है. उन्होंने महामाया पहाड़ में एक वर्ग विशेष के समाज को बसाने का आरोप कांग्रेस के नेताओं पर लगाया है।




