छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता, NSUI प्रभारी महामंत्री, सहित प्रदेश सचिव गिरफ्तार, KPS प्रबंधन ने दर्ज कराई थी FIR; कृष्णा किड्स स्कूल में घुसे थे जबरदस्ती

छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी, NSUI के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल और प्रदेश सचिव कुणाल दुबे तीनों को एक दिन की रिमांड पर जेल भेजा गया है। कृष्णा किड्स स्कूल प्रबंधन ने इन नेताओं पर स्कूल के अंदर जबरदस्ती घुसकर संस्था के खिलाफ नारेबाजी और स्टाफ को गाली देने का आरोप लगाया था।
दरअसल, स्कूल प्रबंधन ने 8 जून को न्यू राजेंद्र नगर थाने में FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने इन नेताओं की गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी थी। इसके बाद हेमंत और कुणाल थाने पहुंचे और लगभग 1 बजे अपनी गिरफ्तारी दी। विकास तिवारी ने रायपुर की अदालत में सरेंडर किया था। कल बुधवार को इस मामले में जमानत को लेकर सुनवाई होगी। फिलहाल तीनों कांग्रेस नेताओं की रात जेल में बीतेगी।
रायपुर पुलिस क्या बोली
8 अप्रैल को दोपहर 12.00 बजे कृष्णा किड्स एकेडमी के संस्था में आरोपी कुणाल दुबे आया। इसके बाद वहां विकास तिवारी पहुंचा। परिसर में मौजूद कुणाल दुबे, हेमंत पाल और इनके अन्य साथी मिलकर एकेडमी के अंदर जबरदस्ती घुसने लगे।
वहां के सभी महिला स्टाफ और पुलिस से गाली गलौज करने लगे। इन पर न्यू राजेन्द्र नगर थाने में धारा 452, 294, 34 का केस दर्ज किया गया। कुणाल दुबे से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूला। इसके बाद कुणाल, हेमंत और विकास को कोर्ट में पेश किया गया।
जानिए क्या है पूरा विवाद
पिछले कुछ दिनों से NSUI के कार्यकर्ता गैर मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी का आरोप है कि शहर में कृष्णा किड्स एकेडमी की ओर से सुन्दर नगर, राजेन्द्र नगर और शैलेन्द्र नगर में जो स्कूल चलाई जा रही है। उनकी मान्यता नहीं है। वहीं, स्कूलों में फीस नियामक और RTE अधिकार अधिनियम का भी पालन नहीं हो रहा है।
6 जून की दोपहर NSUI के नेता स्कूल में घुसे
कृष्णा किड्स एकेडमी के एडमिनिस्ट्रेटर संजय त्रिपाठी ने शिकायत में बताया था कि, 6 जून की दोपहर NSUI कार्यकर्ता स्कूल परिसर के अंदर जबरदस्ती घुस आए। उस दौरान स्कूल में हेड मास्टर समेत स्टाफ मौजूद थे। प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी और उनके साथ पहुंचे लोग संस्था के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। हंगामा करते हुए गाली-गलौज भी की।
कब तक चलेगा पटवारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन….



