
MADHUBANI : पंडौल थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में रविवार सुबह 67 वर्षीय रामनाथ चौधरी की 20-25 बंदरों के झुंड के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। रामनाथ मवेशियों के लिए चारा इकट्ठा कर रहे थे, जब बंदरों ने उनके शरीर को काटकर लहूलुहान कर दिया। उन्हें मधुबनी सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, शाहपुर और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। वे फसलों को नष्ट करने के साथ-साथ लोगों पर हमले कर रहे हैं। इस घटना ने गांव में भय और मातम का माहौल पैदा कर दिया है। बच्चे और महिलाएं डर के कारण घरों से निकलने में हिचक रहे हैं।
परिवार और गांव में शोक
रामनाथ अपने पीछे पुत्र अमित कुमार चौधरी, तीन पुत्रियां और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। स्थानीय नेताओं, जिसमें वीआइपी प्रखंड अध्यक्ष राघवेंद्र चौधरी, पूर्व जिप सदस्य काजल देवी और अन्य शामिल हैं, ने शोक व्यक्त किया।
प्रशासनिक कार्रवाई और मांग
मुखिया रामकुमार यादव ने अंचलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी और पंडौल थाना पुलिस को सूचित किया। अंचलाधिकारी पुरुषोत्तम कुमार और थानाध्यक्ष मो. नदीम ने घटनास्थल का दौरा किया। ग्रामीणों ने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने और मुआवजे की मांग की है। वन विभाग के अनुसार, ऐसी घटनाओं में 4.78 लाख रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है।
यह घटना क्षेत्र में बढ़ते बंदरों के आतंक और इसके गंभीर परिणामों को उजागर करती है। ग्रामीणों ने डीएम, एसडीओ और अंचलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि फसलों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।




