Breaking news
Advertisement
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंग-न्यूज़बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़रायपुर

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद आदिवासी कांग्रेस नेता की मौत, गरमाई सियासत, PCC चीफ दीपक बैज का बयान आया सामने

रायपुर। Congress Leader Death in Jail: राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां  सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस नेता और चारामा जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जीवन ठाकुर की मौत हो गई। जीवन ठाकुर अक्टूबर महीने से कांकेर जेल में बंद थे और 2 दिसंबर को उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था और वन अधिकार पट्टा घोटाले में सजा काट रहे थे।

जानकारी के अनुसार, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया था  जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। संदिग्ध परिस्थितियां परिजनों और स्थानीय आदिवासी समाज ने जेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया, दावा किया कि उनकी पहले से खराब तबीयत के बावजूद बिना सूचना शिफ्ट किया गया और मौत की खबर 18 घंटे बाद दी गई।

दीपक बैज ने दी प्रतिक्रिया

वहीं अब सर्व आदिवासी समाज ने इसे हत्या करार देते हुए आक्रोश जताया और न्यायिक जांच की मांग की। कांकेर जिले में ठाकुर के निधन से सनसनी फैल गई और राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। वहीं इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का भी बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि,’ कांकेर चरमा के सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख आदिवासी समाज के नेता, मुखिया को पिछले दो महीना से कांकेर जेल में बंद कर दिया गया। वह मामला फर्जी तरीके से एफआईआर कर हमारी इस कांग्रेस की सरकार में उनका वन भूमि का पट्टा दिया गया और यह सरकार ने उसे पट्टे को फर्जी बताकर फर्जी एपआईआर कर उनको जेल में डाला गया।

प्रताड़ित करने का लगाया आरोप

उन्होंने कहा कि, जीवन ठाकुर को परिवार वालों से मिलने नहीं दिया गया और वे लगातार बीमार होते रहे उनको समय में इलाज तक नहीं मिला और जेल के अंदर जेल प्रशासन ने उन्हें प्रताड़ित किया। समय पर खाना, ना समय पर इलाज । वह इलाज के लिए लगातार परिवार वाले इलाज करने के लिए मांग करते रहे और जेल प्रशासन की जिम्मेदारी भी बनती है कि, अगर कोई बंदी जेल के संरक्षण में है तो उन्हें समुचित इलाज मिलना चाहिए, लेकिन समय पर इलाज नहीं देना और तबियत एकदम ज्यादा गंभीर होने के बाद सीधा बेकार करना जाना सवेरे 4:30 बजे रात को और उसका दिन की मौत हो जाती है गंभीर मामला है उनको प्रताड़ित किया और जानबूझकर को तबीयत को बिगाड़ा ताकि उनकी मौत हो सके।

जेल प्रशासन पर की कार्रवाई की मांग

Congress Leader Death in Jail:  मैं समझता हूं यह मौत प्रशासन की लापरवाही है जेल प्रबंधन की लापरवाही है। इस मसले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारों पर जेल प्रशासन के अधिकारियों पर कार्रवाआई होनी चाहिए। इसको लेकर आदिवासी समाज में जबरदस्त आक्रोश है और सरकार को इस पर जांच करनी चाहिए और जेल प्रबंधन को जो जिम्मेदार हुआ उसके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए।

 

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close