हथिनी कुंड से छोड़ा गया पानी, यमुना में बढ़ा खतरा: दिल्ली-हरियाणा अलर्ट पर
लगातार बारिश और बैराज से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से अगले 48 घंटे दिल्ली-एनसीआर के लिए भारी, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
दिल्ली : उत्तर भारत में इन दिनों आसमान से आफत बरस रही है और अब यमुना भी रौद्र रूप धारण करने लगी है। हरियाणा से लेकर दिल्ली तक खतरे की घंटियां बज चुकी हैं। हथिनी कुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है।
हथिनी कुंड बैराज पर बढ़ा जलस्तर
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनी कुंड बैराज में रविवार सुबह 4 बजे से ही जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। देखते ही देखते पानी का बहाव 2 लाख 40 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया, जबकि 2 लाख 50 हजार क्यूसेक को यमुना का खतरे का निशान माना जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, जिस तेजी से यमुना की कैचमेंट बेल्ट में बारिश हो रही है और हिमाचल के पांवटा साहिब से पानी आ रहा है, उससे अंदेशा है कि स्थिति और बिगड़ सकती है। सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ने बताया – “पानी की मात्रा फिलहाल खतरे के निशान के बेहद करीब है और अगले कई घंटों तक यही हालात बने रहने की आशंका है।”

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ सकती है परेशानी
दिल्ली में पहले ही यमुना किनारे बसे निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने राहत-बचाव दलों को सतर्क कर दिया है। पिछले साल भी हथिनी कुंड से छोड़े गए पानी ने दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी थी। इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही दिख रहे हैं।
दिल्ली सरकार का कहना है कि अगर पानी का स्तर और बढ़ता है तो निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, यमुना किनारे बने अस्थायी बस्तियों और बाजारों को खाली कराने की तैयारी चल रही है।
बारिश बनी बड़ी चुनौती
मौसम विभाग के मुताबिक, हिमाचल और उत्तराखंड के साथ-साथ हरियाणा में भी लगातार बारिश जारी है। कैचमेंट बेल्ट में पानी जमा होने की वजह से बैराज पर दबाव बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 घंटे हालात और बिगड़ सकते हैं।
दिल्ली और हरियाणा दोनों जगहों पर बाढ़ नियंत्रण विभाग अलर्ट पर है। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें भी तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे यमुना किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।




