सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश रोका
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NEW DELHI. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR से आवारा कुत्तों को शेल्टर में भेजने के अपने 11 अगस्त के आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है। देशभर में पशु प्रेमियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं के तीव्र विरोध के बाद कोर्ट ने इस मामले को तीन जजों की नई बेंच को सौंप दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की यह बेंच आज से मामले की पुनः सुनवाई शुरू कर चुकी है।
मूल आदेश और विवाद
11 अगस्त, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने आठ सप्ताह में दिल्ली-NCR की सड़कों से सभी आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें स्थायी शेल्टर में रखने का आदेश दिया था।
इस आदेश के बाद विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए; कई संगठनों ने इसे एबीसी नियमों (Animal Birth Control Rules, 2023) और पशु कल्याण के विपरीत बताया।
कोर्ट ने स्वीकार किया कि पूर्व के आदेश और मौजूदा कानूनों/मानवता के दृष्टिकोण में विरोधाभास है, इसलिए मामले को बड़ी बेंच को सौंप दिया गया है।
आज क्या हुआ?
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, डॉग लवर्स, PETA इंडिया और कई राजनीतिक हस्तियों (जैसे राहुल गांधी) ने इस आदेश को ‘अव्यावहारिक, अमानवीय और गैरकानूनी’ बताया। सुप्रीम कोर्ट ने नई बेंच बनाकर मामले की फिर से सुनवाई शुरू कर दी है। अदालत ने कहा है कि चार सप्ताह तक पुराने आदेश को लागू नहीं किया जाएगा; सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा।
आगे की राहत
सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच अब इस मामले में गहन सुनवाई करेगी। अगली सुनवाई में सभी पक्षों के तर्कों के आधार पर स्पष्ट निर्देश जारी होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल दिल्ली-NCR, बल्कि पूरे देश में आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए एक नई नीति बन सकती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुनवाई पूरी होने तक कोई भी पक्ष 11 अगस्त के आदेश को लागू करने की कोशिश नहीं करेगा। यह कदम पशु कल्याण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




