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पुलिस की गुंडई पर एसपी की कार्रवाई : पंचायत कर्मियों से मारपीट के मामले में दो पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

 

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस अफसर द्वारा पंचायत कर्मियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना ने सरकारी तंत्र में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है और कर्मचारियों ने तीव्र विरोध जताते हुए कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

क्या है पूरा मामला?

घटना बुधवार को उस वक्त हुई जब ग्राम पंचायत उसकापटनम के सचिव बाबूराव पुलसे और तकनीकी सहायक संतोष कुंजाम निर्माण कार्यों के निरीक्षण से लौट रहे थे। कुटरू मार्ग पर एक मामूली सड़क विवाद के दौरान एसडीओपी ब्रजकिशोर यादव ने अपना आपा खो दिया और अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर दोनों कर्मचारियों की बुरी तरह पिटाई कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने पंचायत कर्मचारियों को सड़क पर कपड़े उतरवाकर पीटा और बंदूक की नोंक पर जान से मारने की धमकी दी। यह घटना न केवल अमानवीय है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है।

 

एसपी ने की त्वरित कार्रवाई

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों — दिवा जितेंद्र और सोमारू उरसा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस विभाग ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों का विरोध, कार्य बहिष्कार की चेतावनी

घटना के बाद भैरमगढ़ जनपद के पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक सहित कई कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताते हुए चेतावनी दी है कि जब तक एसडीओपी ब्रजकिशोर यादव पर FIR दर्ज नहीं होती और उन्हें निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे सभी कार्यों का बहिष्कार करेंगे।

 

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

  • एसडीओपी ब्रजकिशोर यादव के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज हो
  • आरोपी अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए
  • पीड़ित पंचायत कर्मचारियों को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए
  • ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं

यह मामला अब केवल एक विवाद नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान का सवाल बन गया है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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