डिजिटल ठगी की परतें खुलीं, साइबर आरोपी के वॉलेट से मिले 1.94 लाख डॉलर
पूर्णिया में साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित गेमिंग एप और फर्जी वेबसाइट से करोड़ों कमाने का आरोप

पूर्णिया : पूर्णिया में साइबर फ्रॉड के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। करोड़ों रुपये की अवैध कमाई के आरोप में गिरफ्तार युवक के डिजिटल वॉलेट से विदेशी मुद्रा में भारी रकम बरामद होने के बाद पुलिस भी हैरान है। साइबर पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है।
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डिमिया छतरजान पंचायत अंतर्गत श्रीनगर सहनी टोला निवासी दीपक मंडल के सबसे छोटे पुत्र राकेश कुमार को साइबर पुलिस ने गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि राकेश साइबर फ्रॉड के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित कर रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से नौ मोबाइल फोन, एक-एक एप्पल टैब, एप्पल का मैकबुक, लैपटॉप, विभिन्न बैंकों की पासबुक, एटीएम कार्ड और 2.80 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच के दौरान जब राकेश के डिजिटल ट्रांजेक्शन खंगाले गए, तो उसके ट्रस्ट वॉलेट में पहले 87,809 अमेरिकी डॉलर मिले। इसके बाद जब अन्य डिजिटल वॉलेट की जांच की गई, तो कुल 1,94,670 डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जमा होने की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराध से अर्जित धन को राकेश पूर्वी चंपारण जिले के गोविंदगंज थाना क्षेत्र के लोरिया निवासी रोहन कुमार के खाते में मंगवाता था और बाद में एटीएम के जरिए नकदी निकाल ली जाती थी। इस पूरे नेटवर्क को समझने के लिए साइबर पुलिस ने 24 घंटे से अधिक समय तक लगातार पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच की।
मंगलवार को मामले की जानकारी देते हुए पूर्णिया के अपर पुलिस अधीक्षक आलोक रंजन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधित गेमिंग एप को प्रमोट करने, फर्जी वेबसाइट बनाकर अवैध धन अर्जित करने सहित कई गंभीर आरोप हैं। राकेश के विरुद्ध आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके साथ ही बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम एक्ट 2019 और इंडियन टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस अब इस साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन की अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।




