
PATNA : एक मासूम बच्चे को 104 डिग्री बुखार के इलाज के लिए लाए परिवार को अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने बुरी तरह से झकझोर दिया। इलाज के नाम पर चार साल के सौरभ को बुखार की दवा की जगह गलती से एंटी-रेबीज (कुत्ते के काटने का) इंजेक्शन की तीसरी डोज दे दी गई, जिससे बच्चा और उसके परिजन मानसिक सदमे में आ गए।
सोमवार दोपहर पश्चिम चंपारण (बगहा) के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल के पिपरिया गांव निवासी संजय चौधरी अपने पौत्र सौरभ को 104 डिग्री बुखार की हालत में इलाज के लिए लेकर आए। ओपीडी में डॉ. रामप्रवेश भारती ने सौरभ का उपचार संभाला, लेकिन गलती से दवा पर्चे में सौरभ के नाम पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन का तीसरा डोज लिख दिया। बिना जांच-पड़ताल के स्वास्थ्य कर्मी ने इसे सौरभ को दे दिया।
परिजनों को तब पता चला जब उन्हें चौथी डोज के लिए 1 सितंबर का फॉलोअप दिया गया। परिजन दंग रह गए कि कुत्ते के काटने का इंजेक्शन क्यों?
परिजनों की प्रतिक्रिया
संजय चौधरी ने गुस्से और दर्द के साथ कहा,”हम बुखार का इलाज कराने आए थे, लेकिन बच्चे को कुत्ते के काटने का इंजेक्शन दिया गया। यह कैसे हो सकता है?”
दादी इंदु देवी रोते हुए,”सौरभ पहले ही कमजोर है, इस गलत इंजेक्शन का क्या असर होगा?” परिवार ने अस्पताल में हंगामा किया और चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा।
प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि ओपीडी की ड्यूटी डॉ. अरुण कुमार यादव के पोस्टमार्टम में चले जाने के कारण डॉ. रामप्रवेश भारती संभाल रहे थे। भीड़ के कारण पर्चों में मिलावट हो गई जिससे यह चूक हुई। उन्होंने दावा किया कि इंजेक्शन से बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और बुखार का सही इलाज जल्द दिया गया।




