नेपाल बॉर्डर पर नकली नोटों की बड़ी खेप बरामद: 1.18 लाख रुपए की जाली मुद्रा के साथ 3 तस्कर धरे गए
रौतहट में पुलिस की गुप्त सूचना पर बड़ी कार्रवाई; एक भारतीय समेत तीन तस्कर गिरफ्तार, सीमापार से बड़े नेटवर्क की आशंका।

बैरगनिया/रौतहट (नेपाल): नेपाल के रौतहट जिले की पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा पर नकली मुद्रा की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने 1.18 लाख रुपये मूल्य के नकली नेपाली नोटों के साथ एक भारतीय नागरिक सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना पर नाकेबंदी
जिला पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर, रौतहट के इशनाथ नगरपालिका वार्ड नंबर-4 के पास नाका लगाकर तलाशी अभियान चलाया गया। दोपहर बाद एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्धों को रोककर तलाशी ली गई। उनके पास से 1,000 रुपये के 118 नकली नेपाली नोट (कुल 1,18,000 रुपये) बरामद किए गए।
गिरफ्तार तस्करों का विवरण
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक तस्कर भारतीय है, जिसकी पहचान पूर्वी चंपारण (बिहार) के कुंडवा चैनपुर निवासी जयप्रकाश कुमार (23) के रूप में हुई है। अन्य दो आरोपी रौतहट के देवाही गौनाही वार्ड-4 के गेनालाल राउत (21) और अजय पटेल (20) हैं।
जिला पुलिस प्रवक्ता डीएसपी विष्णु प्रदीप वास्याल ने बताया कि ये नकली नोट भारत से नेपाल में धकेलने की फ़िराक़ में थे। सीमावर्ती इलाक़ों में ऐसी तस्करी लगातार बढ़ रही है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।
बड़े नेटवर्क का अंदेशा
पुलिस ने तीनों तस्करों को हिरासत में लेकर सख्त पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को एक बड़े और संगठित नेटवर्क के शामिल होने का अंदेशा है, क्योंकि रौतहट-सीतामढ़ी बॉर्डर पर पहले भी 18 से 26 लाख रुपये के नकली नोट पकड़े जा चुके हैं।
बिहार-नेपाल सीमा पर नकली मुद्रा का यह कारोबार प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। जाली नोट ग्रामीण बाज़ारों में घुसपैठ कर रहे हैं, जिससे आम जनता और छोटे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। प्रशासन ने सीमा सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए तत्काल निर्देश जारी किए हैं।




