रायपुर। सीएम भूपेश बघेल (Chiefminister Bhupesh Baghel) ने शिक्षाकर्मियों ने लंबे समय से की जा रही मांग को पूरा करते हुए बड़ी सौगात दी है। प्रदेश में शेष बचे 16 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाएगा। 1 जुलाई 2020 में 2 साल पूरा करने वाले शिक्षाकर्मियों का संविलियन होगा।
सीएम भूपेश बघेल ने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में अब तक एक लाख 21 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जा चुका है। बाकी शेष बचे 16 हजार शिक्षाकर्मियों का एक जुलाई 2020 को संविलियन किया जाएगा।
बजट की खास घोषणाएं-
आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2018-19 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 7. 06 की वृद्धि संभावित है। राष्ट्रीय स्तर पर चल रही मंदी के बीच ये अनुमान सुखद है।
कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत से वृद्धि अनुमान बेहतर है.
हमारे विकास का मॉडल समावेशी है। समाज के सबसे कमजोर तबके तक विकास पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।
प्रति व्यक्ति आय पिछले साल 96 हजार 878 की तुलना में 98 हजार 281 रुपये का अनुमान है। 6.35 फीसदी अधिक है।
82 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा जा चुका है।
राज्य सरकार की नीतियों से स्वयं के संसाधन 11 फीसदी की दर से बढ़ रही है। किसानों का धान पंजीयन बढ़ा है। अब तक 17 हजार किसानो का ऋण माफ किया जा चुका है। स्वस्थ और सुपोषित नई पीढ़ी को ये बजट समर्पित है। पिछले साल की प्रति व्यक्ति आय 96878 की तुलना में 98281 रुपये का अनुमान है, जो 6.35 फ़ीसदी अधिक है।
सीएम ने बजट में ये भी किया ऐलान
4 लाख हितग्रहियों को सुपोषण अभियान से लाभ हुआ है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 करोड़ का प्रावधान है। महतारी जतन योजना में 31 करोड़ का प्रावधान। स्वास्थ्य योजना में 5 योजनाओं को शुरू किया गया। डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना में 5 लाख तक का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में प्रति व्यक्ति 20 लाख तक का प्रावधान है।
डे भवन को स्वामी विवेकानंद स्मृति संस्थान के तौर पर तैयार किया जाएगा। लक्षण रहित मलेरिया का बस्तर मुक्त मलेरिया योजना के तहत इलाज किया जा रहा है।




