शराबबंदी कानून के तहत जेल गए कैदी की मौत पर हंगामा, परिजन बोले- पुलिस ने पीट-पीटकर मारा
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) भेजा।
जहानाबाद: शराब पीने के आरोप में मंगलवार की शाम जहानाबाद जेल लाए गए प्रमोद चौधरी नामक कैदी की मौत के बाद आज उसके परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों के विरोध के कारण कैदी का शव करीब 7 घंटे तक अस्पताल में ही पड़ा रहा।
क्या है मामला?
प्रमोद चौधरी अरवल जिले के मदन सिंह टोला गांव के रहने वाले थे। उन्हें अरवल पुलिस ने शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जहानाबाद मंडल कारा के जेलर भोला प्रसाद शर्मा के अनुसार, प्रमोद चौधरी को 8 सितंबर की शाम एक्साइज केस में जेल लाया गया था।
जेलर ने बताया कि प्रमोद के हाथ-पैर में कंपन हो रहा था, और उसका इलाज जेल अस्पताल में चल रहा था। गुरुवार की सुबह उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई और वे बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के आरोप
मृतक की पत्नी फूलवंती देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पति पूरी तरह से स्वस्थ थे और उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पति के साथ मारपीट की और इलाज में लापरवाही बरती, जिससे उनकी मौत हो गई।
फूलवंती देवी ने बताया कि उन्हें गुरुवार सुबह फोन पर सूचना मिली थी कि उनके पति बीमार हैं और उन्हें जहानाबाद सदर अस्पताल आने के लिए कहा गया था। जब वे वहाँ पहुंचीं, तो उन्हें अपने पति की मौत की खबर मिली।
पुलिस का बयान
जहानाबाद के एसपी विनीत कुमार ने इस मामले पर अपना बयान देते हुए कहा है कि यह मामला अरवल जिले का है और जहानाबाद पुलिस से इसका कोई संबंध नहीं है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।




