
महासमुुंद। मुख्यालय स्थित बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा को फेल साबित करते हुए गुरुवार सुबह यहां रहने वाले 9 अपचारी बालक भाग निकले। घटना की जानकारी संप्रेक्षण गृह प्रबंधन के अफसरों को सुबह तब हुई जब बच्चों के कमरों की ओर निरीक्षण करने गए। घटना के बाद से विभाग में हड़कंप में मच गया है। इधर, पुलिस जिले में नाकेबंदी कर अपचारी बालकों की तलाश में जुट गई है।
इस मामले में एएसपी मेघा टेम्भुरकर ने बताया कि घटना सुबह करीब 4-5 बजे की है। यहां पर रहने वाले 9 अपचारी बालक कमरे की खिड़की तोड़ दीवार के कंटीले तार पर चप्पल रख कूदकर फरार हो गए। जानकारी के बाद से पुलिस की टीम बालकों की तलाश में जुटी है। उन्होंने बताया गृह से भागने वाले बच्चों में 4 बच्चे बलौदाबाजार जिले और 5 बच्चे महासमुंद और सरायपाली ब्लॉक के हैं। ये सभी बच्चे चोरी आम्र्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी के तहत शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह मेें लाए गए हैं।
वहीं इस मामले में जानकारी लेने के लिए महिला बाल विकास अफसरों से भी संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
बलौदाबाजार जिले के बच्चे चौथी बार भागे
जानकारी के मुताबिक भागने वाले 9 बच्चों में 3 बच्चे ऐसे हैं जो यहां से 3-4 बार फरार हो चुके हैं। ये बच्चे मूलत: बलौदाबाजार जिले के रहने वाले हैं. जिन्हें भागने के बाद पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद तलाश कर वापस यहां पहुंचाया था। माना जा रहा है पांच बच्चों को भगाने में इन्ही बच्चों ने मदद की होगी। वर्तमान में यहां कुल 18 बच्चे हैं जिनमें से 9 फरार हो चुके हैं।
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
बाल संपे्रक्षण गृह से बच्चों के फरार होने की यह तीन साल में पांचवी घटना है। जिससे गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि प्रबंधन ने सुरक्षा के लिए दीवार पर कंटीले तार और सीसीटीव्ही कैमरा लगा रखा है बावजूद अपचारी बालक भागने में कामयाब हो जा रहे हैं।




