पटना में एचआइवी के नए मामलों में उछाल : एक साल में 1,200 मरीज बढ़े, कुल संख्या 7,900 पार
बिहार एड्स नियंत्रण सोसाइटी के अनुसार—जांच से लेकर दवा तक 97,000 से अधिक मरीज सरकारी एआरटी केंद्रों पर निर्भर

पटना : बिहार की राजधानी पटना में इस वर्ष एचआईवी-पॉजिटिव मामलों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिहार एड्स नियंत्रण सोसाइटी के अनुसार, साल 2024 में ही 1,200 से अधिक नए मरीज पहचाने गए हैं, जिससे जिले में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7,923 हो गई है।
अतिरिक्त परियोजना निदेशक (एपीडी) एन. के. गुप्ता ने बताया कि पटना के बाद पूर्वी चंपारण में 400+, पश्चिमी चंपारण में 340 नए मामले सामने आए हैं। राज्यभर के आंकड़े संकेत देते हैं कि उत्तर बिहार और मगध क्षेत्र के कई जिलों में संक्रमण का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।
पटना में कहां इलाज करा रहे हैं मरीज?
पटना जिले के 7,923 एआरटी पर पंजीकृत मरीजों में— 4,705 मरीज PMCH में। 3,091 मरीज RMRI में। 127 मरीज नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन हैं।
अन्य जिलों का स्थिति
पूर्वी चंपारण: 6,827 मरीज
मधुबनी: 5,685
गया: 5,529
मुजफ्फरपुर: 5,289
सीतामढ़ी: 4,958
राज्य में 97,046 लोगों को मुफ्त दवा
एक दिसंबर को जारी आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, 32 एआरटी केंद्रों के माध्यम से बिहार सरकार 97,046 एचआईवी संक्रमित मरीजों को प्रतिदिन मुफ्त एआरवी दवाएं उपलब्ध करा रही है। अधिकारी ने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई का उपयोग, संक्रमित रक्त चढ़ाना और माता से शिशु में संक्रमण इसके मुख्य कारण हैं।




