गले में चना अटकने से मासूम की मौत,परिजनों ने अस्पताल प्रबंधक पर लगाया लापरवाही का आरोप..

रायपुर/प्रविंस मनहर – कोरबा जिले में सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत गले में चना अटकने से लगभग 2 वर्ष के बच्चे की मौत हो गई इस मामले में परिजनों ने मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के चिकित्सको पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा छोटू कुमार (37) मध्यप्रदेश के राजगढ़ ब्यावरा के निवासी हैं वे कोरबा में पानीपुरी बेचने का काम करता है। सुबह बालक दिव्यांश घर के आंगन में खेल रहा था खेलते-खेलते वह कमरे में आ गया और वहां रखे चने को निगल गया। जिसके बाद मासूम रोने लगा और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी जिसके बाद उसके परिजन उसे फौरन मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय ले गए परिजनों का आरोप है कि जब भी वे चिकित्सक से बच्चे की स्थिति के बारे में पूछते,तो उन्हें कहा जाता था कि वरिष्ठ चिकित्सक आकर देखेंगे और उपचार में देरी के कारण बच्चे की मृत्यु हो गई इस मामले में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हरबंश ने बताया कि जब बच्चा चिकित्सालय पहुंचा, तभी से उसकी हालत गंभीर थी चिकित्सको की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। लेकिन चना गले से होकर फेफड़ों में जाकर फंस गया था साथ ही इंटरनल ब्लीडिंग भी शुरू हो गयी थी इसी कारण बच्चे की मृत्यु हुई। उन्होंने इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इंकार किया है।




