Chhoti Diwali 2026: छोटी दिवाली आज, जानें नरक चतुर्दशी की पौराणिक मान्यता, पूजा का शुभ मुहूर्त और दीपदान का समय
छोटी दिवाली के अवसर पर सुबह अभ्यंग स्नान और शाम के समय दीपदान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर के बाहर दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। आइए जानते हैं छोटी दिवाली से जुड़ी पौराणिक कथा, पूजा का महत्व और आज के शुभ मुहूर्त।
नरकासुर के अंत से जुड़ी है छोटी दिवाली की परंपरा
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, प्राचीन काल में नरकासुर नाम का एक शक्तिशाली असुर था, जिसे भौमासुर भी कहा जाता था। वह अपनी ताकत के घमंड में लगातार अत्याचार कर रहा था। उसके आतंक से देवता, राजा और आम लोग परेशान थे। नरकासुर ने करीब 16 हजार कन्याओं को बंदी बनाकर रखा था।
कथा के अनुसार, नरकासुर को ऐसा वरदान प्राप्त था कि उसका वध केवल किसी स्त्री के हाथों ही संभव था। उसके अत्याचारों से परेशान होकर देवराज इंद्र ने भगवान श्रीकृष्ण से सहायता मांगी। इसके बाद श्रीकृष्ण अपनी पत्नी सत्यभामा के साथ नरकासुर के विरुद्ध युद्ध करने पहुंचे।
युद्ध के दौरान सत्यभामा ने नरकासुर का वध किया और भगवान श्रीकृष्ण ने उसकी कैद में रखी गई 16 हजार से अधिक कन्याओं को आजाद कराया। मान्यता है कि यह घटना कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को हुई थी। तभी से इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है। यह पर्व संदेश देता है कि अन्याय और अत्याचार चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है।
छोटी दिवाली 2026: जानिए पूजा और दीपदान का शुभ समय
इस साल छोटी दिवाली 7 नवंबर, शनिवार को मनाई जा रही है। धार्मिक पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि और पूजा से जुड़े प्रमुख समय इस प्रकार हैं:
| धार्मिक आयोजन | शुभ समय |
|---|---|
| छोटी दिवाली | 7 नवंबर 2026, शनिवार |
| चतुर्दशी तिथि प्रारंभ | 7 नवंबर, सुबह 10:47 बजे |
| चतुर्दशी तिथि समाप्त | 8 नवंबर, सुबह 11:47 बजे |
| अभ्यंग स्नान | सुबह 5:41 से 6:38 बजे तक |
| चंद्रोदय | शाम 5:41 बजे |
| यम दीपदान | शाम 5:31 से 5:57 बजे तक |
| सायाह्न संध्या | शाम 5:31 से 6:50 बजे तक |
छोटी दिवाली पर क्यों किया जाता है दीपदान?
छोटी दिवाली पर दीपक जलाने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन लोग अपने घरों के मुख्य द्वार और आसपास दीपक जलाते हैं। विशेष रूप से यम दीपदान किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यमराज के निमित्त दीप जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार की सुख-शांति की कामना की जाती है।
MP Dog Attack: आवारा कुत्ते का आतंक, 6 घंटे के भीतर 26 लोगों को काटा, अस्पताल में मची भीड़
Chhoti Diwali 2026: वहीं, सुबह सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन स्नान और दीपदान करने से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। छोटी दिवाली का पर्व दीपावली के स्वागत की शुरुआत भी माना जाता है। इस दिन घरों की साफ-सफाई, सजावट और दीपों की रोशनी के साथ लोग उत्सव की खुशियां मनाते हैं।




