Advertisement
ट्रेंडिंग-न्यूज़बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्यप्रदेश

MP Assembly Winter Session: इस दिन से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, 5 दिन चलेगी सदन की कार्यवाही

भोपाल। MP Assembly Winter Session: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर विधानसभा का सत्र चर्चा का विषय बन गया है। राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होकर 11 दिसंबर तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में कुल पांच बैठकें प्रस्तावित हैं। विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र बुलाने को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल मंगू भाई पटेल के आदेश पर विधानसभा का शीतकालीन सत्र आहूत किया गया है। इस दौरान प्रश्नकाल सहित विभिन्न विधायी और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

Nisha Bhagat Death Live: ‘समाज के लिए लड़ती रही, साथ किसी ने नहीं दिया’,फेसबुक पर लाइव आदिवासी लीडर ने किया सुसाइड

विधायकों को नोटिस जमा करने की तारीखें तय

शीतकालीन सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय ने विभिन्न प्रस्तावों और सूचनाओं के लिए समयसीमा निर्धारित कर दी है। इसके तहत निजी सदस्यों के विधेयकों यानी प्राइवेट मेंबर्स बिल के नोटिस 11 नवंबर तक जमा किए जा सकेंगे। वहीं, निजी सदस्यों के प्रस्तावों (प्राइवेट मेंबर्स रेजोल्यूशन्स) के लिए 26 नवंबर अंतिम तारीख तय की गई है। इसके अलावा स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और नियम 267-A के तहत नोटिस 1 दिसंबर से स्वीकार किए जाएंगे। विधायक इन सूचनाओं को विधानसभा सचिवालय में कार्यालयीन समय के दौरान सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक जमा कर सकेंगे।

पांच दिन के सत्र पर उमंग सिंघार ने उठाए सवाल

विधानसभा के शीतकालीन सत्र की अवधि को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन सरकार विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दे रही है।

सिंघार ने कहा कि शीतकालीन सत्र केवल पांच दिनों के लिए बुलाया गया है। इससे पहले मानसून सत्र भी पांच दिन के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन उसे तीन दिनों में ही समाप्त कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश की जनता कई समस्याओं से जूझ रही है, तब विधानसभा की कार्यवाही के लिए कम समय क्यों रखा जा रहा है?

जहरीली शराब से मौत से लेकर किसानों के मुद्दे तक उठाएगी कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस विधायक दल आगामी सत्र में सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रहा है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • बालाघाट में बच्चों की मौत का मामला।
  • सागर और देवास में जहरीली शराब से हुई मौतें।
  • किसानों की समस्याएं और उनकी मांगें।
  • प्रदेश में युवाओं की बेरोजगारी।
  • महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल।
  • आदिवासी समाज के अधिकार।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति।
  • प्रदेश पर बढ़ता कर्ज और कानून-व्यवस्था।

उमंग सिंघार का कहना है कि इन सभी विषयों पर सदन में गंभीर चर्चा होनी चाहिए और सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

‘230 विधायक 7 करोड़ से ज्यादा लोगों की आवाज’

उमंग सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों से चुनकर आए विधायक करीब 7 करोड़ से अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में विधानसभा केवल विधायी कार्यवाही का मंच नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की जनता जवाब मांग रही है, तब सदन की अवधि बढ़ाने के बजाय कम करना उचित नहीं है। सरकार विधानसभा की कार्यवाही का समय घटा सकती है, लेकिन जनता के सवालों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल आगामी शीतकालीन सत्र में जनता से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा और सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास करेगा।

Raipur News: ‘द हनी बैजर न्यूज़’ का संचालक गिरफ्तार, ब्लैकमेलिंग और उगाही की होगी जांच, दो मोबाइल फोन जब्त

शीतकालीन सत्र में हंगामे के आसार

MP Assembly Winter Session: सत्र की अवधि को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अभी से राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। एक ओर सरकार की ओर से पांच दिवसीय सत्र बुलाने की अधिसूचना जारी हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।

 

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close