Raipur News: रायपुर में VIP कल्चर! सराफा कारोबारी के काफिले को पुलिस एस्कॉर्ट! पायलटिंग का वीडियो वायरल, उठे कई सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक निजी कारोबारी के काफिले को पुलिस एस्कॉर्ट किस आधार पर उपलब्ध कराया गया? क्योंकि आमतौर पर पुलिस पायलटिंग विशेष प्रोटोकॉल, सुरक्षा संबंधी आवश्यकता या सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बाद ही दी जाती है।
काफिले में पुलिस वाहन, बाउंसरों की हरकत ने खींचा ध्यान
वायरल वीडियो में पुलिस वाहन के साथ कारोबारी का काफिला आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान काफिले में चल रही एक कार से बाउंसर खिड़की के बाहर लटकता नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, वीडियो में एक बाउंसर कार से बाहर निकलकर ड्राइवर को दिशा-निर्देश देता हुआ भी दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो खुद सराफा कारोबारी की टीम की ओर से बनाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद अब पुलिस एस्कॉर्ट और बाउंसरों के इस तरह सड़क पर व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बिना अनुमति पुलिस पायलटिंग कैसे?
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल पुलिस पायलटिंग की अनुमति को लेकर उठ रहा है। क्या संबंधित कारोबारी को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कोई आधिकारिक आदेश जारी किया गया था? क्या सक्षम अधिकारियों से इसकी मंजूरी ली गई थी? यदि अनुमति नहीं थी, तो पुलिस वाहन निजी काफिले की अगुवाई कैसे कर रहा था? आमतौर पर पुलिस पायलटिंग हर किसी को उपलब्ध नहीं होती। इसके लिए निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन जरूरी होता है। ऐसे में वायरल वीडियो ने पुलिस व्यवस्था में विशेष सुविधाओं के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस कमिश्नरेट के संज्ञान में लाया मामला
Raipur News: बताया जा रहा है कि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े पूरे मामले को पुलिस कमिश्नरेट के संज्ञान में लाया है। अब इस बात पर नजर रहेगी कि पुलिस विभाग मामले की जांच करता है या नहीं और संबंधित काफिले को पायलटिंग देने के पीछे क्या कारण था। फिलहाल इस मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पायलटिंग की अनुमति से संबंधित जानकारी सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि पुलिस कमिश्नरेट इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाता है।




