Advertisement
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंग-न्यूज़बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़युथ अड्डा

CGPSC Controversy: CGPSC-2018 में बड़ी लापरवाही? मेंस की आंसरशीट से गायब थे 4 पन्ने, हाईकोर्ट ने आयोग पर लगाया जुर्माना

रायपुर। CGPSC Controversy: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2018 की भर्ती परीक्षा से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। मुख्य परीक्षा की एक अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से चार पन्ने गायब होने का मामला सामने आने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उत्तरपुस्तिका में 17 से 20 नंबर तक के पन्ने फाड़े जाने के निशान मिले थे। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आयोग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का आदेश दिया है।

Cyclone Arnab: चक्रवात अर्नब ने दिखाया रौद्र रूप, दो की मौत, पेड़ उखड़े और बिजली व्यवस्था प्रभावित, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में मौसम का कहर

आंसरशीट के चार पन्ने गायब होने का मामला

CGPSC-2018 की मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिका की जांच के दौरान चार पन्ने गायब होने की बात सामने आई। बताया गया है कि उत्तरपुस्तिका में पेज नंबर 17 से 20 तक के पन्ने मौजूद नहीं थे और उन्हें फाड़े जाने के निशान भी मिले थे। इन पन्नों से जुड़े कुल 30 अंकों के नुकसान की बात सामने आई है। परीक्षा में उत्तरपुस्तिका का सही तरीके से सुरक्षित रहना और मूल्यांकन की प्रक्रिया का पारदर्शी होना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस तरह की गड़बड़ी सामने आने से परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

इंटरव्यू तक नहीं पहुंच सकी अभ्यर्थी

मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित अभ्यर्थी को मुख्य परीक्षा के बाद साक्षात्कार का अवसर नहीं मिल सका। उत्तरपुस्तिका के चार पन्ने गायब होने के कारण उसे 30 अंकों का नुकसान होने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण के मुताबिक, यदि अभ्यर्थी को पूरे 30 अंक मिल भी जाते, तब भी उसका प्राप्तांक निर्धारित कटऑफ से 12 अंक कम रहता। यानी अंकों की भरपाई होने की स्थिति में भी वह कटऑफ तक नहीं पहुंच पाती। इसके बावजूद, मामला केवल कटऑफ तक पहुंचने या साक्षात्कार का मौका मिलने तक सीमित नहीं है। उत्तरपुस्तिका की सुरक्षा, मूल्यांकन में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण सवाल भी इससे जुड़े हैं।

RTI से सामने आई जानकारी

इस मामले में सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से जानकारी सामने आने की बात कही गई है। बताया गया है कि उत्तरपुस्तिका से संबंधित गड़बड़ी के बारे में परीक्षक ने वर्ष 2019 में ही जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद, आरोप है कि शिकायत मिलने के बाद भी आयोग ने लंबे समय तक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उपलब्ध जानकारी में आयोग की ओर से करीब पांच साल तक उचित कार्रवाई नहीं होने का दावा किया गया है। यदि शिकायत और परीक्षक की रिपोर्ट समय पर प्राप्त हुई थी, तो इस पर कार्रवाई में देरी को लेकर आयोग की जवाबदेही का सवाल उठता है।

हाईकोर्ट ने CGPSC पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना

मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आयोग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का निर्देश भी दिया है। अदालत के इस आदेश को उत्तरपुस्तिका के रखरखाव और परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, आदेश में मुआवजे की सटीक प्रकृति, भुगतान पाने वाले पक्ष और अन्य शर्तों की पुष्टि आधिकारिक न्यायिक आदेश से की जानी चाहिए।

Durg News: भिलाई पॉवर हाउस फ्लाईओवर से युवती ने लगाई छलांग, मौके पर मौत, जांच में जुटी पुलिस

CGPSC की परीक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

CGPSC Controversy: CGPSC-2018 की इस घटना ने परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की सुरक्षा और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों का भविष्य उनके प्राप्तांकों और मूल्यांकन की निष्पक्षता पर निर्भर करता है। ऐसे में उत्तरपुस्तिका के पन्ने गायब होने जैसी घटना की निष्पक्ष जांच और समय पर कार्रवाई जरूरी है। इस मामले में अदालत का आदेश आयोग की जिम्मेदारी और अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close