Saurabh Chandrakar Case: रायपुर CBI कोर्ट में सौरभ चंद्राकर की पेशी, जांच एजेंसी ने मांगी 10 दिन की रिमांड, पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज
गिरफ्तारी को लेकर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल
अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर की ओर से पेश वकील तुषार गिरी ने गिरफ्तारी का विरोध किया। बचाव पक्ष का कहना था कि CBI की ओर से की गई कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। वकील ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं।
दूसरी ओर, CBI की तरफ से रिमांड की मांग को लेकर बहस की गई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी और वकील भी कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। जांच एजेंसी का प्रयास है कि आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य संदिग्ध कड़ियों की जानकारी जुटाई जाए।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया सौरभ
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर जांच एजेंसियां लंबे समय से कार्रवाई कर रही हैं। इसी मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के बाद भारत लाया गया है। मंगलवार को CBI की टीम उसे दिल्ली से फ्लाइट E6 2307 के जरिए रायपुर लेकर पहुंची थी। इससे पहले सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था। वहां अदालत ने CBI को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी थी, जिसके बाद उसे रायपुर लाया गया।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज, CM साय का बयान
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और भारत वापसी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महादेव सट्टा मामले के मुख्य आरोपी को पकड़कर भारत लाया गया है। अब CBI की पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मामले में आगे होने वाले खुलासों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ के जरिए कथित सट्टा कारोबार के संचालन, आर्थिक लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर भी साधा निशाना
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतंत्र की हत्या की और अब वही लोकतंत्र की बात कर रही है।
दीपक बैज का सरकार पर हमला
वहीं संचालक सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का बीजेपी सरकार पर हमला बोला। बैज ने राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल उठाते हुए कहा कि,सौरभ चंद्राकर को रायपुर लाया गया लेकिन रवि उप्पल और शुभम सोनी अभी भी पकड़ से बाहर है। उन्होंने कहा कि, 2023 के चुनाव में शुभम सोनी के वीडियो को बीजेपी ने खूब प्रचार किया था जो खुद को महादेव सट्टा एप का असली मालिक बताया था। बीजेपी ने शुभम सोनी के वीडियो के आधार पर कांग्रेस और भूपेश बघेल पर आरोप लगाए थे। दीपक बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि, चुनाव के बाद शुभम सोनी का कोई अता-पता नहीं, सरकार बताए वह कहां है।
उन्होंने कहा कि, कांग्रेस सरकार में महादेव सट्टा एप मामले में 72 से अधिक FIR दर्ज हुईं। कांग्रेस सरकार में छापेमारी, गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई हुई। महादेव सट्टा एप को Google Play Store से हटाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र को पत्र लिखा था और रायपुर पुलिस की अर्जी पर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी हुआ था। कांग्रेस ने दावा किया की महादेव सट्टा एप पर कार्रवाई की शुरुआत कांग्रेस सरकार में हुई थी।
Saurabh Chandrakar Case: फिलहाल रायपुर की CBI कोर्ट में सौरभ चंद्राकर की रिमांड को लेकर सुनवाई जारी है। अब अदालत के फैसले पर नजर रहेगी कि CBI को पूछताछ के लिए कितने दिनों की कस्टडी मिलती है। रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ से महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।



