Advertisement
उत्तरप्रदेशक्राइमट्रेंडिंग-न्यूज़बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

KGMU Case: मुर्गे के खून से लिखता था लव लेटर! शादी का झांसा देकर धर्म परिवर्तन का बनाया दबाव, डॉक्टर के कारनामें सुन रह जाएंगे दंग

लखनऊ। KGMU Case:  लड़कियों को प्रभावित करने के लिए कोई महंगे गिफ्ट देता है तो कोई प्यार भरे खत लिखता है, लेकिन लखनऊ में सामने आए एक चर्चित मामले में आरोपी डॉक्टर का तरीका बेहद अलग बताया जा रहा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि केजीएमयू के पूर्व एमडी पैथोलॉजी छात्र डॉ. रमीज उर्फ रमीजुद्दीन युवतियों को इम्प्रेस करने के लिए मुर्गे के खून से लव लेट लिखता था। इतना ही नहीं, वह इन लेटर को अपना खून बताकर लड़कियों के सामने रखता था।

इस मामले में पीड़िता ने आरोपी डॉक्टर और उसके परिवार के सदस्यों पर यौन शोषण, मारपीट, धमकी, निजी वीडियो बनाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस की पूछताछ में भी युवतियों के निजी वीडियो रिकॉर्ड करने और उनका इस्तेमाल कर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने से जुड़े खुलासे हुए हैं।

Diwali Bonus Scam: दिवाली से पहले साइबर ठगों का नया जाल, WhatsApp पर दिवाली बोनस का मैसेज वायरल, कहीं आप भी न हो जाएं ठगी का शिकार

2011 में शुरू हुई बातचीत, फिर प्रेम संबंध का दिया भरोसा

पीड़िता के बयान के मुताबिक, उसकी और रमीज की मुलाकात मेडिकल की पढ़ाई के दौरान हुई थी। वर्ष 2011 में दिवाली के दिन आरोपी ने पहली बार फोन करके उसे शुभकामनाएं दी थीं। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ने लगा। पीड़िता का आरोप है कि दिसंबर 2012 में रमीज ने उसे आगरा के साबुन कटरा स्थित अपने फ्लैट पर डांस प्रैक्टिस के बहाने बुलाया। वहां उसे नशीला पेय पदार्थ दिया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। बाद में रमीज ने मैसेज के जरिए अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी थी।

पीड़िता के अनुसार, कुछ समय बाद आरोपी ने शादी का भरोसा देकर संबंध आगे बढ़ाने की बात कही। 11 दिसंबर 2012 को दोबारा फ्लैट पर बुलाकर उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया। उसे आशंका है कि इसी दौरान उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए गए थे।

निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी उसके निजी वीडियो और तस्वीरों को अपने पास रखता था। इतना ही नहीं, वह अपने दोस्तों को भी ये वीडियो दिखाता था। उसके मुताबिक, रमीज और उसके कुछ दोस्त धीरे-धीरे उसे परिवार से दूर करने की कोशिश करने लगे थे।पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधों को लेकर विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। आरोपी की मां खतीजा पर भी उसे मिलने के लिए होटल बुलाने और लगातार संपर्क बनाए रखने का दबाव डालने के आरोप लगाए गए हैं।

एम्स के कॉलेज फेस्टिवल में भी शोषण का आरोप

पीड़िता ने वर्ष 2014 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि दिल्ली के एम्स में आयोजित कॉलेज फेस्टिवल के दौरान रमीज ने उसके लिए एक कमरा बुक कराया था। उसका आरोप है कि खाने या सिगरेट में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया, जिसके बाद वह अर्धचेतन अवस्था में पहुंच गई। इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता का दावा है कि वर्ष 2012 से 2025 के बीच अलग-अलग स्थानों पर उसका यौन शोषण किया गया। हर बार शादी का भरोसा देकर उसे चुप करा दिया जाता था।

गर्भवती होने पर शादी से मुकरने और गर्भपात का दबाव

पीड़िता के बयान के अनुसार, वर्ष 2016 में वह गर्भवती हो गई थी। जब उसने आरोपी से शादी करने की बात कही तो उसने कथित तौर पर इनकार कर दिया और गर्भपात कराने का दबाव बनाया। आरोप है कि उसे आगरा के खंदारी इलाके के एक क्लीनिक ले जाया गया, जहां जांच के बाद गर्भपात की दवाइयां दी गईं। दवा लेने के तीसरे दिन उसे तेज दर्द हुआ और कमरे में ही गर्भपात हो गया।

निजी वीडियो भेजकर तुड़वाए शादी के रिश्ते

पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच उसने रमीज से दूरी बना ली थी। इस दौरान उसके परिवार ने शादी के लिए रिश्ते तलाशने शुरू किए। लेकिन आरोप है कि आरोपी ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो संभावित रिश्तेदारों और मंगेतरों तक पहुंचाने शुरू कर दिए।

पीड़िता के मुताबिक, इस वजह से उसके पांच से सात शादी के रिश्ते टूट गए। पुलिस पूछताछ से जुड़ी जानकारी में भी एक युवती के करीब चार रिश्ते तुड़वाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवतियों के निजी वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करके रखता था और कथित तौर पर शादी तय होने पर उन्हें उनके होने वाले पतियों तक पहुंचाता था।

लखनऊ आने के बाद बढ़ी प्रताड़ना, घर के काम कराने का भी आरोप

पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2023 में रमीज के कहने पर वह लखनऊ आ गई थी। अक्टूबर 2023 में आरोपी के माता-पिता ने दोनों को एक ही फ्लैट में रहने की सलाह दी, जिसके बाद वह उसके साथ रहने लगी। पीड़िता का आरोप है कि लखनऊ में भी उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए गए। उसने आरोपी के माता-पिता से शिकायत की, लेकिन उन्होंने उसका साथ देने के बजाय उसे परिस्थितियों से समझौता करने की सलाह दी। उसने यह भी आरोप लगाया कि उससे खाना बनवाने, सफाई करने और यहां तक कि टॉयलेट साफ करवाने तक का काम कराया जाता था। विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी।

पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2024 में उसे पता चला कि आरोपी के केजीएमयू में पढ़ने वाली अन्य युवतियों से भी संबंध हैं। इस बात का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। जून-जुलाई 2025 के आसपास की एक घटना में उसे जमीन पर गिराकर घसीटने और दीवार पर सिर पटकने का भी आरोप लगाया गया है।

धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाने का आरोप

मामले में धर्म परिवर्तन के दबाव को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2024 में होली से करीब एक सप्ताह पहले आरोपी के माता-पिता ने उससे कहा कि हिंदू-मुस्लिम विवाह संभव नहीं है और परिवार में स्वीकार किए जाने के लिए उसे मुस्लिम धर्म अपनाना होगा।

पीड़िता का आरोप है कि जनवरी 2025 में भी उस पर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो माता-पिता को दिखाए गए और बदनामी का डर दिखाकर आरोपी से निकाह करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई। उसने आरोपी के माता-पिता खतीजा और सलीमुद्दीन पर फोन के जरिए धमकाने के आरोप भी लगाए हैं।

कमरे में काजी बुलाकर तीन बार कहलवाया ‘कबूल है’

पीड़िता ने अपने बयान में निकाह से जुड़ी एक कथित घटना का भी खुलासा किया है। उसके मुताबिक, फरवरी में उसे अपने माता-पिता के साथ एक जगह ले जाया गया, जहां एक कमरे में काजी मौजूद था। आरोप है कि उसे और उसके पिता को एक छोटे कमरे में बंद कर दिया गया। इसके बाद काजी ने कुछ धार्मिक प्रक्रिया पूरी कराई और उससे तीन बार ‘कबूल है’ कहलवाया।

पीड़िता का दावा है कि निकाहनामा पहले से तैयार था और उस पर उससे तथा उसके पिता से हस्ताक्षर कराए गए। उसके पिता पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाना चाहते थे, लेकिन उनका मोबाइल फोन ले लिया गया और रिकॉर्डिंग नहीं करने दी गई। पीड़िता के अनुसार, बाद में उसने आरोपी के मोबाइल से निकाहनामे की तस्वीर खींच ली थी।

Ayushman Yojana Fraud Case: आयुष्मान योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा, 16 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द, रायपुर के सबसे ज्यादा अस्पताल शामिल

बुर्का पहनने और खानपान बदलने का भी दबाव

KGMU Case:  पीड़िता ने आरोप लगाया कि कथित निकाह के बाद उस पर मुस्लिम पहचान अपनाने और घर से बाहर निकलते समय बुर्का पहनने का दबाव बनाया जाने लगा। पीलीभीत और खटीमा जाने के दौरान भी उसे बुर्का पहनने के लिए कहा जाता था। उसका यह भी आरोप है कि शाकाहारी होने के बावजूद उस पर मांसाहारी भोजन करने का दबाव बनाया गया। नौकरी करने की स्थिति में अपनी पूरी तनख्वाह आरोपी के परिवार को देने की बात भी कही जाती थी। फिलहाल यह मामला कई गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारियों और पीड़िता के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि और सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना के बाद ही कोई कानूनी कार्रवाई होगी।

 

यह भी देखें

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close