Ramgopal Agarwal Case: कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट से झटका, PMLA कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
रायपुर। Ramgopal Agarwal Case: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फिलहाल राहत नहीं मिल पाई है। रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत में दोनों पक्षों की ओर से लंबी बहस हुई, जिसके बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता और गवाहों के प्रभावित होने की आशंका समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
आबकारी और कोल लेवी मामले से जुड़ा है प्रकरण
रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई छत्तीसगढ़ के चर्चित आबकारी और कोल लेवी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के तहत हुई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में हैं।
PMLA कोर्ट में दाखिल की थी जमानत अर्जी
ED की गिरफ्तारी के बाद रामगोपाल अग्रवाल की ओर से विशेष PMLA अदालत में जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और जांच एजेंसी की ओर से अपने-अपने तर्क रखे गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए इसे खारिज कर दिया।
गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका
सुनवाई के दौरान मामले की गंभीर प्रकृति के साथ-साथ गवाहों के प्रभावित होने की आशंका का भी मुद्दा सामने आया। अदालत ने इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार किया। ऐसे में रामगोपाल अग्रवाल को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
पहले EOW के सामने किया था सरेंडर
Ramgopal Agarwal Case: रिपोर्टों के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल ने 8 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित EOW कार्यालय में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी। बाद में ED ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। फिलहाल विशेष PMLA कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद रामगोपाल अग्रवाल न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।




