Shramik Mahasammelan: श्रमिक महासम्मेलन में CM विष्णुदेव साय की बड़ी घोषणाएं, ई-रिक्शा सहायता राशि बढ़ाकर 1 लाख, श्रमिकों को मिलेगा लाभ
रायपुर। Shramik Mahasammelan: विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमिकों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। सरकार की ओर से श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और कामकाजी जरूरतों को आसान बनाने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में आधुनिक ‘श्रमिकजन सुविधा केंद्र’ से लेकर गिग वर्कर्स के लिए ई-बाइक सहायता और ई-रिक्शा खरीदने वाले पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को आर्थिक मदद बढ़ाने की घोषणा शामिल है।
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आधुनिक सुविधाओं वाला ‘श्रमिकजन सुविधा केंद्र’
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की विभिन्न जरूरतों को एक ही स्थान पर पूरा करने के उद्देश्य से ‘श्रमिकजन सुविधा केंद्र’ विकसित करने की घोषणा की। प्रस्तावित केंद्रों में श्रमिकों को सरकारी योजनाओं, पंजीयन, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी सेवाओं से संबंधित जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।
इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और योजनाओं की जानकारी तथा सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाना बताया गया है। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग पहले से ही पंजीकृत श्रमिकों के लिए सहायता केंद्र और विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित करता है।
गिग वर्कर्स के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना
महासम्मेलन में होम डिलीवरी समेत प्लेटफॉर्म आधारित काम करने वाले गिग वर्कर्स के लिए ‘ई-बाइक सहायता योजना’ लागू करने की घोषणा की गई। इस योजना का उद्देश्य डिलीवरी कार्य से जुड़े श्रमिकों के लिए आवागमन के साधन को आसान बनाना और उनके काम की लागत को कम करने में मदद करना है। ई-कॉमर्स, फूड डिलीवरी और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े ऐसे कामगारों की संख्या बढ़ने के साथ सरकार की इस योजना को नए रोजगार स्वरूप से जुड़े श्रमिकों तक सामाजिक एवं आर्थिक सहायता पहुंचाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
ई-रिक्शा खरीदने पर अब 1 लाख रुपये सहायता
मुख्यमंत्री ने पंजीकृत असंगठित श्रमिकों के लिए ई-रिक्शा सहायता राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की घोषणा की। सम्मेलन में बताया गया कि पहले यह सहायता 50 हजार रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर दोगुना किया गया है। ई-रिक्शा के जरिए स्वरोजगार करने वाले श्रमिकों के लिए यह सहायता वाहन खरीदने में आर्थिक मदद के तौर पर काम कर सकती है। राज्य के श्रम विभाग की योजना सूची में ई-रिक्शा सहायता से संबंधित प्रावधान पहले से दर्ज हैं। विभाग की एक योजना में पात्र पंजीकृत रिक्शा/ऑटो चालकों के लिए मंडल अंशदान के रूप में 50 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान दर्ज है।
महिला श्रमिकों के लिए भी ई-रिक्शा योजना
छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की योजनाओं में ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ भी शामिल है, जिसके तहत पात्र पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को ई-रिक्शा के लिए 1 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान दर्ज है। सरकार की नई घोषणाओं के तहत ई-रिक्शा आधारित स्वरोजगार को और बढ़ावा देने तथा अधिक श्रमिकों को इससे जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
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श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
Shramik Mahasammelan: श्रमिक महासम्मेलन में घोषित योजनाओं का व्यापक फोकस स्वरोजगार, आवागमन की सुविधा और सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच पर रखा गया है। सरकार का कहना है कि श्रमिकों के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाएं भी विकसित की जानी चाहिए जिनसे वे लंबे समय तक अपनी आय के साधनों को मजबूत कर सकें।




