IGKV RE-Exam: IGKV में पेपर लीक के बाद आज से फिर होंगी परीक्षाएं, ई-मेल में भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र, सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू
रायपुर। IGKV RE-Exam: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक की घटना के बाद परीक्षाओं को लेकर नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। विश्वविद्यालय में आज से दोबारा परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और निगरानी को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। IGKV में पेपर लीक की घटना के बाद प्रभावित परीक्षाओं का आयोजन अब आज, कल और 9 सितंबर को किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा संचालन के लिए नई व्यवस्था तैयार की है, ताकि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ई-मेल से भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र
नई व्यवस्था के तहत परीक्षा के प्रश्नपत्र पासवर्ड प्रोटेक्टेड ई-मेल के माध्यम से भेजे जाएंगे। इसका उद्देश्य परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र के लीक होने की किसी भी संभावना को रोकना है। प्रश्नपत्र को सुरक्षित तरीके से संबंधित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के साथ-साथ उसे खोलने की प्रक्रिया भी निर्धारित नियमों के तहत पूरी की जाएगी।
कमेटी की मौजूदगी में खुलेगा प्रश्नपत्र
परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र IGKV द्वारा गठित कमेटी की मौजूदगी में खोला जाएगा। इससे प्रश्नपत्र खोलने की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रहेगी और किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को कम किया जा सकेगा। नई व्यवस्था की एक अहम विशेषता यह भी है कि प्रश्नपत्र खोलने से लेकर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों को कैमरे में रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर रिकॉर्डिंग के जरिए पूरी प्रक्रिया की जांच भी की जा सकेगी।
पेपर लीक के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
IGKV RE-Exam: पेपर लीक की घटना के बाद IGKV प्रशासन ने परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है। प्रश्नपत्र की गोपनीयता, उसे खोलने की प्रक्रिया और निगरानी को लेकर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि आगामी परीक्षाएं निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों। पेपर लीक की घटना के बाद अब IGKV प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की है। नई व्यवस्था के तहत होने वाली इन परीक्षाओं पर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन की नजर रहेगी।




