Raipur News: PSC परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, तारा कोल ब्लॉक को लेकर भी उठाए सवाल
रायपुर। Raipur News: छत्तीसगढ़ में लोक सेवा आयोग (PSC) की मुख्य परीक्षा को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने PSC की मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन और अभ्यर्थियों के इंटरव्यू चयन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है।
PSC मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन पर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस का दावा है कि PSC मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई है। पार्टी के मुताबिक कुछ मामलों में सही और गलत उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को समान अंक दिए जाने की बात सामने आई है। कांग्रेस ने परीक्षा के परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग करते हुए सभी उत्तर पुस्तिकाओं को सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही अभ्यर्थियों की कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कराने और मुख्य परीक्षा के लिए जारी किए गए मॉडल उत्तर सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।
1:3 के नियम को लेकर भी सवाल
कांग्रेस ने PSC 2025 परीक्षा में 1:3 के अनुपात का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। पार्टी के मुताबिक 265 पदों के लिए नियमानुसार करीब 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था, लेकिन केवल 608 अभ्यर्थियों का चयन इंटरव्यू के लिए किया गया। कांग्रेस ने मांग की है कि जब तक परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक इंटरव्यू प्रक्रिया को स्थगित किया जाए।
सरकार के संरक्षण का लगाया आरोप
दीपक बैज ने PSC की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। कांग्रेस ने रीता सांडिल्य की अध्यक्षता में लगातार गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए पूरे मामले में सरकार के संरक्षण की आशंका जताई है। कांग्रेस का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि हजारों युवा अपने भविष्य के लिए इन परीक्षाओं पर निर्भर रहते हैं। पार्टी ने सरकार से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
तारा कोल ब्लॉक को लेकर भी सरकार पर हमला
PSC के मुद्दे के साथ ही कांग्रेस ने हसदेव क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक को लेकर भी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि राज्य की साय सरकार ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए केंद्र सरकार को अनुशंसा की थी। कांग्रेस के मुताबिक 11 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार ने कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था, जबकि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने 23 जून 2023 को तारा समेत 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने की मांग की थी।
तारा कोल ब्लॉक को लेकर कांग्रेस ने पूछा सवाल
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब पूर्व सरकार ने इन कोल ब्लॉकों को नीलामी से अलग रखने की मांग की थी, तो मौजूदा भाजपा सरकार ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए केंद्र को अनुशंसा क्यों की? पार्टी के मुताबिक, तारा कोल ब्लॉक करीब 5 हजार एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 4 हजार एकड़ से अधिक घना जंगल होने का दावा किया गया है। कांग्रेस ने आशंका जताई है कि यहां खनन की अनुमति मिलने पर 10 लाख से ज्यादा पेड़ों की कटाई का खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा लेमरू एलीफेंट रिजर्व और हाथियों के कॉरिडोर पर भी इसके संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
पर्यावरण मंजूरी पर सरकार से मांगा जवाब
Raipur News: कांग्रेस ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या वह यह गारंटी देगी कि तारा कोल ब्लॉक के लिए पर्यावरणीय मंजूरी नहीं दी जाएगी। पार्टी ने हसदेव क्षेत्र के जंगल, वन्यजीव और स्थानीय पर्यावरण पर संभावित प्रभाव को लेकर सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के जल, जंगल और जमीन को अडानी समूह को सौंपने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि, कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर सरकार या संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है। PSC परीक्षा और तारा कोल ब्लॉक, दोनों ही मुद्दों पर आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति और गरमाने के आसार हैं।




