Janjgir News: छत्तीसगढ़ में दिखी में इंडोनेशिया की कला-संस्कृति की झलक, गरुड़ पर विराजमान बाल गणेश ने जीता श्रद्धालुओं का दिल
जांजगीर-चांपा। Janjgir News: गणेश उत्सव के अवसर पर जांजगीर-चांपा जिले के चांपा शहर में इस बार आस्था के साथ कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। श्री सिद्धिविनायक समिति की ओर से तैयार किया गया भव्य गणेश पंडाल अपनी अनोखी थीम, आकर्षक सजावट और रोशनी के कारण श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण बना हुआ है।
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इंडोनेशिया के बाली से प्रेरित है पंडाल की थीम
इस गणेश पंडाल की सबसे खास बात यहां स्थापित बाल गणेश की भव्य प्रतिमा है। प्रतिमा को इंडोनेशिया के बाली द्वीप स्थित प्रसिद्ध गरुड़ विष्णु केनकाना की सांस्कृतिक झलक से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है। प्रतिमा में बाल गणेश को गरुड़ देव पर विराजमान दिखाया गया है। भगवान गणेश का यह अलग और कलात्मक स्वरूप श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। प्रतिमा की बारीक कलाकारी और प्रस्तुति इसे पंडाल की प्रमुख विशेषताओं में शामिल करती है।
रोशनी और सजावट से जगमगा रहा पंडाल
श्री सिद्धिविनायक समिति ने पंडाल को आकर्षक रोशनी और भव्य सजावट से सजाया है। शाम ढलते ही रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठता है। सजावट और प्रतिमा की कलात्मक प्रस्तुति श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। गणेश दर्शन के लिए पहुंचने वाले लोग प्रतिमा और पंडाल की सजावट को अपने मोबाइल फोन में कैद करते भी नजर आ रहे हैं।
दूसरे राज्यों से भी पहुंच रहे श्रद्धालु
इस अनूठी थीम को देखने के लिए केवल जांजगीर-चांपा ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों और दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालुओं के चांपा पहुंचने का सिलसिला जारी है। शाम होते ही पंडाल में दर्शन के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने लगती है। श्रद्धालुओं के बीच इस पंडाल की थीम और बाल गणेश की प्रतिमा को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
आस्था के साथ सांस्कृतिक संदेश देने की कोशिश
Janjgir News: समिति के सदस्यों के अनुसार, इस बार गणेश उत्सव के जरिए धार्मिक आस्था के साथ भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव की झलक प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। बाली की प्रसिद्ध सांस्कृतिक पहचान से प्रेरित यह प्रस्तुति श्रद्धालुओं को गणेश भक्ति के साथ एक अलग सांस्कृतिक अनुभव भी दे रही है। चांपा का यह गणेश पंडाल फिलहाल स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।




