Mahasamund News: मौसम की दोहरी मार, अर्नब के बाद मुरासु तूफान ने बढ़ाई किसानों की चिंता, पककर तैयार धान की फसल पर संकट
तैयार धान की फसल पर मंडराया संकट
इस समय जिले के कई इलाकों में धान की फसल पककर तैयार है। किसान कटाई और फसल को सुरक्षित घर लाने की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे समय में तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी फसल को बारिश से नुकसान पहुंचने और तेज हवाओं के चलते फसल गिरने की चिंता किसानों को सता रही है। किसानों के लिए यह स्थिति इसलिए भी मुश्किल है, क्योंकि इससे पहले अर्नब तूफान के प्रभाव ने उनकी चिंता बढ़ाई थी। अब मुरासु के असर की आशंका ने एक बार फिर उनकी मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया है।
दीपावली से पहले किसानों की बढ़ी चिंता
एक ओर दीपावली का त्योहार नजदीक है, वहीं दूसरी ओर किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। धान की फसल को नुकसान पहुंचने की स्थिति में किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। खेती में पहले ही काफी लागत लग चुकी है। ऐसे में फसल खराब होने पर कर्ज चुकाने और परिवार की जरूरतें पूरी करने की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
4 और 5 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 4 और 5 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस पूर्वानुमान के बाद किसानों की चिंता और बढ़ गई है। यदि इस दौरान तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश होती है, तो खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल प्रभावित हो सकती है।
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किसानों को फसल बचाने की चिंता
Mahasamund News: मौसम की अनिश्चितता ने महासमुंद के किसानों को असमंजस में डाल दिया है। एक तरफ फसल कटाई का समय है, तो दूसरी तरफ खराब मौसम का खतरा बना हुआ है। किसानों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि कहीं सालभर की मेहनत और खेती पर किया गया खर्च बेमौसम बारिश की भेंट न चढ़ जाए। फिलहाल जिले के किसान मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी तैयार फसल को सुरक्षित रखने की कोशिश में जुटे हैं। आने वाले दिनों में मौसम का रुख तय करेगा कि किसानों को राहत मिलती है या उनकी मुश्किलें और बढ़ती हैं।




