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Diwali 2026: 8 नवंबर को मनाई जाएगी दिवाली, रायपुर में जानें कब तक रहेगा लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

देश के प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

Diwali 2026: दीपों का पर्व दिवाली इस साल 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। मान्यता है कि दिवाली की शाम प्रदोष काल में विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

दिवाली पर पूजा का शुभ समय शहर के अनुसार अलग-अलग होता है। ऐसे में रायपुर सहित देश के प्रमुख शहरों के श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय समय जानना जरूरी है। रायपुर में इस बार लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:49 बजे से 7:48 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि 1 घंटा 59 मिनट है।

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दिवाली 2026: तिथि और अमावस्या का समय

हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगी।

  • दिवाली की तारीख: 8 नवंबर 2026, रविवार

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे

  • अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर, दोपहर 12:31 बजे

  • प्रमुख पूजा: माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और मां सरस्वती की पूजा

    रायपुर में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

रायपुर के स्थानीय पंचांग के अनुसार 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ समय शाम 5:49 बजे से रात 7:48 बजे तक रहेगा। इस दौरान प्रदोष काल और वृषभ काल का संयोग बन रहा है।

  • लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:49 से 7:48 बजे तक

  • प्रदोष काल: शाम 5:24 से 7:57 बजे तक

  • वृषभ काल: शाम 5:49 से 7:48 बजे तक

धार्मिक मान्यता के अनुसार वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है। इसी वजह से प्रदोष काल में स्थिर लग्न के दौरान लक्ष्मी पूजन को विशेष शुभ माना जाता है।

देश के प्रमुख शहरों में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर बदलता है। प्रमुख शहरों के लिए पूजा का समय इस प्रकार है:

शहर लक्ष्मी पूजा का समय
रायपुर शाम 5:49 से 7:48 बजे
दिल्ली शाम 5:54 से 7:50 बजे
नोएडा शाम 5:54 से 7:49 बजे
गुरुग्राम शाम 5:55 से 7:51 बजे
जयपुर शाम 6:03 से 7:59 बजे
चंडीगढ़ शाम 5:52 से 7:46 बजे
लखनऊ शाम 5:42 से 7:39 बजे
मुंबई शाम 6:27 से 8:27 बजे
पुणे शाम 6:24 से 8:24 बजे
अहमदाबाद शाम 6:22 से 8:20 बजे
कोलकाता शाम 5:20 से 7:18 बजे
हैदराबाद शाम 6:07 से 8:08 बजे
बेंगलुरु शाम 6:17 से 8:20 बजे
चेन्नई शाम 6:07 से 8:09 बजे

बता दें कि, शहरों के समय स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं। अलग-अलग पंचांगों में गणना पद्धति के कारण कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। रायपुर का समय विशेष रूप से रायपुर के लिए उपलब्ध पंचांग के आधार पर दिया गया है।

 कैसे करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा?

दिवाली की शाम घर के पूजा स्थल की साफ-सफाई कर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। इसके बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा के दौरान सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें और फिर माता लक्ष्मी की आराधना करें।

पूजा की विधि इस प्रकार है:

  1. पूजा स्थल और घर की अच्छी तरह सफाई करें।

  2. चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।

  3. जल से भरा कलश स्थापित करें और उसमें आम के पत्ते व नारियल रखें।

  4. भगवान गणेश और माता लक्ष्मी को तिलक लगाकर अक्षत, फूल और माला अर्पित करें।

  5. फल, मिठाई, खील-बताशे और अन्य प्रसाद चढ़ाएं।

  6. धूप और दीप जलाकर माता लक्ष्मी की आरती करें।

  7. परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा और आरती करें।

  8. पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन और अन्य स्थानों पर दीपक जलाएं।

दिवाली पर दीपदान का महत्व

दिवाली को अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घरों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर दीप जलाए जाते हैं। मान्यता है कि दीपदान करने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। दिवाली पर घर के मुख्य द्वार, तुलसी चौरा, पूजा स्थल और आंगन में दीपक जलाने की परंपरा है। कई परिवारों में इस दिन भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है और व्यापारी वर्ग नए बही-खातों का पूजन करता है।

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क्यों मनाई जाती है दिवाली?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने और रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर पूरे नगर को रोशन किया था। तभी से दिवाली मनाने की परंपरा जुड़ी हुई मानी जाती है। दिवाली को माता लक्ष्मी के प्राकट्य से भी जोड़कर देखा जाता है। इस दिन श्रद्धालु धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

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