UP MLC Election: ‘वोट से नहीं, खोट से जीत रही भाजपा’, MLC चुनाव नतीजों के बाद अखिलेश यादव का बड़ा बयान, लगाए मतगणना में गड़बड़ी के आरोप

अखिलेश यादव ने भाजपा और अधिकारियों पर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए भाजपा नेताओं और कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर नियमों की अनदेखी की। अखिलेश के मुताबिक, गोरखपुर के सपा उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ अन्याय हुआ और मतगणना की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
सपा प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि भाजपा जनसमर्थन के बजाय कथित गड़बड़ियों के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है। उन्होंने डॉ. त्रिपाठी के साथ हुए व्यवहार और उनकी भावनात्मक प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षक समुदाय इस घटनाक्रम को याद रखेगा। अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि शिक्षक समाज आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जवाब देगा। हालांकि, चुनाव में गड़बड़ी और साजिश से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
उन्होंने सोशल मीडिया में पोस्ट कर कहा कि,’भ्रष्ट भाजपाई और उनके षड्यंत्रकारी संगी-साथी व संलिप्त अधिकारी एमएलसी चुनाव जीतने के लिए जिस हद तक गिर सकते थे गिर गये हैं। डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साज़िश सबके सामने खुल गई है। डॉ. संजयन त्रिपाठी को मतगणना में घपला करके हराने का कारण सिर्फ़ ये नहीं है कि वो सपा के उम्मीदवार हैं बल्कि इसके पीछे ‘हाता नहीं भाता’ मुख्य कारण है। राजनीति के मामले में भाजपा पातालमुखी हो चुकी है। इतनी बड़ी जालसाज़ी के बाद जनता को ये समझ आ गया है कि भाजपा दरअसल हर सीट पर हारी है। भाजपाई वोट से नहीं खोट से जीतते हैं।
उन्होंने कहा कि, डॉ. संजयन त्रिपाठी जी का जिस प्रकार उत्पीड़न किया गया है, उसे उनका पूरा समाज देख रहा है। डॉ त्रिपाठी जी के आँसू उनका समाज और प्रदेश का कोई शिक्षक नहीं भूलेगा। शिक्षकों को भाजपा में अपमान के सिवा कुछ और नहीं मिला है। शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने तक का जो निकृष्टतम अवांछित काम करवाने का षड्यंत्र किया गया, उसे हर शिक्षक हमेशा याद रखेगा और 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराकर अपना ‘गुरु संकल्प’ पूरा करेगा। भाजपा की चार सौ बीसी, चार सौ तीन सीटों पर नहीं चलेगी। हम डॉ. संजयन त्रिपाठी जी और उनके समाज के साथ हो रहे हर अन्याय और उत्पीड़न के विरुध्द, भाजपा के ख़िलाफ़ साथ में खड़े हैं और खड़े रहेंगे।
भ्रष्ट भाजपाई और उनके षड्यंत्रकारी संगी-साथी व संलिप्त अधिकारी एमएलसी चुनाव जीतने के लिए जिस हद तक गिर सकते थे गिर गये हैं। डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साज़िश सबके सामने खुल गई है।
डॉ. संजयन त्रिपाठी को मतगणना में घपला करके हराने का कारण सिर्फ़ ये नहीं है कि वो सपा के उम्मीदवार हैं बल्कि इसके पीछे ‘हाता नहीं भाता’ मुख्य कारण है।
राजनीति के मामले में भाजपा पातालमुखी हो चुकी है। इतनी बड़ी जालसाज़ी के बाद जनता को ये समझ आ गया है कि भाजपा दरअसल हर सीट पर हारी है।
भाजपाई वोट से नहीं खोट से जीतते हैं।
डॉ. संजयन त्रिपाठी जी का जिस प्रकार उत्पीड़न किया गया है, उसे उनका पूरा समाज देख रहा है। डॉ त्रिपाठी जी के आँसू उनका समाज और प्रदेश का कोई शिक्षक नहीं भूलेगा।
शिक्षकों को भाजपा में अपमान के सिवा कुछ और नहीं मिला है। शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने तक का जो निकृष्टतम अवांछित काम करवाने का षड्यंत्र किया गया, उसे हर शिक्षक हमेशा याद रखेगा और 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराकर अपना ‘गुरु संकल्प’ पूरा करेगा।
भाजपा की चार सौ बीसी, चार सौ तीन सीटों पर नहीं चलेगी।
हम डॉ. संजयन त्रिपाठी जी और उनके समाज के साथ हो रहे हर अन्याय और उत्पीड़न के विरुध्द, भाजपा के ख़िलाफ़ साथ में खड़े हैं और खड़े रहेंगे।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 28, 2026
वाराणसी सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव की जीत को पार्टी के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है। जीत के बाद उन्होंने शिक्षक समुदाय और अखिलेश यादव के प्रति आभार जताया। लाल बिहारी यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति में शिक्षकों के हितों को महत्व दिया जाता रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को शिक्षकों के बीच लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव भी इसी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। यूजीसी बिल को लेकर उन्होंने कहा कि उनके अनुसार इस चुनाव में इसका निर्णायक प्रभाव नहीं पड़ा। उनका दावा था कि नौकरी की सुरक्षा और अपने पेशे से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंतित शिक्षक सपा के साथ मजबूती से खड़े रहे।
आगरा शिक्षक सीट पर डॉ. आकाश अग्रवाल की जीत
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती के बाद जीत हासिल की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें करीब 3,700 मतों की बढ़त मिली थी और दूसरी वरीयता के वोटों की गणना में भी उन्होंने निर्णायक समर्थन प्राप्त किया। इस सीट पर मतगणना के दौरान विवाद की स्थिति भी सामने आई। डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी पर हंगामा और मारपीट शुरू करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मतगणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से घटनाक्रम स्पष्ट हो सकता है। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब और सीसीटीवी फुटेज की आधिकारिक पुष्टि सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। जीत की औपचारिक घोषणा से जुड़ी स्थिति की भी निर्वाचन प्राधिकरण से पुष्टि की जानी चाहिए।
11 सीटों के चुनाव ने बढ़ाई सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव के परिणामों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, भाजपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि वाराणसी और आगरा की शिक्षक सीटों पर सपा उम्मीदवारों की सफलता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रही। चुनाव परिणामों के बाद भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सपा नेतृत्व ने मतगणना की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक दस्तावेजों और निर्वाचन अधिकारियों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
2027 के चुनाव से पहले शिक्षकों पर नजर
UP MLC Election: अखिलेश यादव ने अपने बयान में शिक्षक समुदाय को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए भाजपा को राजनीतिक चुनौती दी है। इससे साफ है कि शिक्षक मतदाताओं से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बने रह सकते हैं। हालांकि, विधान परिषद चुनाव के नतीजों को सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। दोनों चुनावों की प्रकृति, मतदाता समूह और मुद्दे अलग-अलग होते हैं। फिलहाल, एमएलसी चुनाव के बाद सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।



