Cyclone Arnab: तेजी से बढ़ रहा चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा, छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों में अलर्ट जारी, 53 ट्रेनें रद्द
रायपुर। Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ लगातार ताकतवर हो रहा है और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी को अलर्ट पर रखा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस चक्रवात का असर तटीय इलाकों के अलावा छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट के बीच पहुंचने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार ताकतवर हो रहा चक्रवात, आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पहले गहरे दबाव और फिर चक्रवाती तूफान में तब्दील हुआ। इसके बाद इसकी तीव्रता में और वृद्धि हुई। 27 अक्टूबर को जारी मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, तूफान बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में पहुंच चुका है।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के नजदीक तट को पार कर सकता है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। तूफान की दिशा और तीव्रता में बदलाव के आधार पर मौसम विभाग समय-समय पर पूर्वानुमान जारी कर रहा है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को ताजा आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका
चक्रवात का प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। दक्षिणी और मध्य छत्तीसगढ़ में मौसम पर विशेष नजर रखी जा रही है। इस दौरान 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण सड़कों पर आवागमन में परेशानी और स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। हालांकि, बारिश का वास्तविक प्रभाव जिले और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। किसानों के लिए भी मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण है। खेतों में तैयार फसल, कटाई के बाद खुले में रखी उपज और कृषि कार्यों पर बारिश का असर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों को स्थानीय कृषि विभाग और जिला प्रशासन की सलाह के अनुसार जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
इन राज्यों में भी अलर्ट
चक्रवात अर्नब को देखते हुए पांच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में प्रशासनिक तैयारियां तेज की गई हैं।
- आंध्र प्रदेश: तटीय क्षेत्रों में चक्रवात के पहुंचने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका है।
- ओडिशा: कुछ क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
- तेलंगाना: चक्रवात के प्रभाव से कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
- छत्तीसगढ़: 28 और 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
- पुडुचेरी: विशेष रूप से यानम क्षेत्र में चक्रवात और तेज हवाओं का खतरा है।
इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रशासन को भी सतर्क रहने के लिए कहा है।
कई ट्रेनें रद्द
बता दें कि, आंध्र के 16 जिलों में तूफान का असर पड़ सकता है. संभावित तबाही को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। इस बीच भारतीय रेलवे ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। दक्षिण तटीय रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को रवाना होने वाली 53 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है।
केंद्र सरकार ने तैयारियों की समीक्षा की
चक्रवात के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। केंद्र सरकार की 26 अक्टूबर की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रभावित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के अधिकारियों ने बचाव और राहत से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।
प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार राहत शिविरों और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तैयार रखा गया है। सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल की बचाव एवं राहत इकाइयों को भी जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जान-माल के नुकसान को कम करना और बिजली, संचार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने की स्थिति में जल्द बहाल करना है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
चक्रवात की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर के बीच दक्षिण-पश्चिम और उससे लगे मध्य बंगाल की खाड़ी तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और यानम के तटों के आसपास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण नौकाओं के लिए खतरा बढ़ सकता है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनियों पर रखें नजर
चक्रवात अर्नब की दिशा, तीव्रता और बारिश के संभावित प्रभाव को लेकर मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। फिलहाल आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय क्षेत्रों पर इसका सीधा खतरा है, जबकि छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
Cyclone Arnab: ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचते हुए IMD और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा जानकारी पर भरोसा करना चाहिए। मौसम का पूर्वानुमान बदल सकता है, इसलिए किसी भी जिले में बारिश की तीव्रता और संभावित खतरे के बारे में अंतिम जानकारी स्थानीय चेतावनी से ही प्राप्त करें।



