Death Due To Liquor: जिले में जहरीली शराब का कहर, बाप-बेटे समेत 22 लोगों की मौत, शोक में डूबा पूरा गांव
सागर। Death Due To Liquor: मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी कई लोगों की मौत की खबर सामने आई, जिसके बाद हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने वाले 112 लोगों का इलाज सागर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कई परिवारों में पसरा मातम
सोमवार सुबह महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले भोपाल एयरलिफ्ट किए गए राम प्रसाद लोधी की रविवार देर रात मौत हो गई थी। राम प्रसाद के पिता गोविंद लोधी की भी रविवार को मौत हुई थी। राम प्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी अभी सागर में उपचाररत है। सोमवार को भगवान सिंह (35), गोपाल आदिवासी (40) और देश कुमार लोधी की भी मौत की जानकारी सामने आई।
शराब पीने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
मृतकों के परिजनों के मुताबिक, शराब का सेवन करने के कुछ समय बाद लोगों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। महेश रावत के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि उनके चाचा ने शाम को शराब पी थी। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। वहीं श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार के मुताबिक, परिवार एक रिश्तेदार के यहां गमी में गया हुआ था। घर पर अकेली श्याम बाई ने गांव से शराब मंगवाकर पी थी। देर रात उनकी हालत खराब हुई और सुबह जिला अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
खरीदने से पहले ही उठ गया था नकली शराब का शक
मामले की FIR में शिकायतकर्ता अनूप सिंह लोधी ने बताया कि इलाके में कई लोग कथित तौर पर अवैध रूप से शराब बेचते हैं। शिकायत के मुताबिक, 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर पहुंचा था। वहां उन्हें कथित तौर पर एक नया और सस्ता ब्रांड उपलब्ध कराया गया। बताया गया कि यह शराब सामान्य कीमत से करीब 20 रुपये कम में मिलेगी। इसी दौरान राजेंद्र ने सवाल उठाया कि कहीं शराब नकली या जहरीली तो नहीं है।
70 रुपये में खरीदा क्वार्टर, फिर बिगड़ी हालत
शिकायत में आरोप है कि दुकानदार ने शराब को सामान्य ब्रांड का बताया और कहा कि इसे मनीष तथा आशीष ने तैयार किया है। इसके बाद राजेंद्र ने दुकान से 70 रुपये में देशी शराब का एक क्वार्टर खरीदा और उसका सेवन किया। घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके अलावा करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब सेवन के बाद मौत होने की जानकारी दी गई है।
30 से ज्यादा लोगों के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस ने मामले में शराब बेचने और कथित नेटवर्क से जुड़े कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की कार्रवाई में दुकानदारों, लाइसेंसी ठेकेदार और अन्य संदिग्ध लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित अवैध शराब कहां तैयार हुई, इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया और पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है।
ततरवारा में लंबे समय से अवैध शराब बनाने का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब तैयार किए जाने की गतिविधियां चल रही थीं। ग्रामीणों के अनुसार, यहां से आसपास के गांवों में शराब पहुंचाई जाती थी। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस कथित अवैध कारोबार में प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुड़े हुए हैं। डर के कारण कई लोग खुलकर उनके नाम लेने से बचते हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
Death Due To Liquor: सागर एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसियां शराब की सप्लाई चेन, इसके निर्माण और वितरण से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि लोगों तक पहुंची शराब आखिर कहां तैयार हुई और इसके पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम व अन्य रिपोर्टों के सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।




