Satya Niketan PG Incident: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सत्य निकेतन PG हादसा मामला, दिल्ली के सभी दिल्लीभर के हॉस्टल-पीजी के सुरक्षा ऑडिट की मांग
नई दिल्ली। Satya Niketan PG Incident: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी बिल्डिंग ढहने के मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है। गुरुवार को मामले में एमिकस क्यूरी अजीत सिन्हा ने कोर्ट के समक्ष स्टेटस रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास संचालित सभी PG, निजी हॉस्टल और छात्र आवासों की सुरक्षा जांच कराने की सिफारिश की गई है। सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने की इस घटना में 7 लोगों की मौत हुई थी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अजीत सिन्हा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था। अब उनकी रिपोर्ट में राजधानी के छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम सुझाव दिए गए हैं।
सभी PG और निजी हॉस्टलों की हो सुरक्षा जांच
एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास मौजूद पीजी, निजी हॉस्टल और छात्रों के रहने की अन्य जगहों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराया जाना चाहिए। जांच के दौरान यह देखा जाए कि संबंधित इमारत स्वीकृत नक्शे के अनुरूप बनी है या नहीं, निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ है या नहीं और भवन की संरचनात्मक मजबूती कितनी है। इसके अलावा बेसमेंट के इस्तेमाल, फायर सेफ्टी व्यवस्था और आपात स्थिति में बाहर निकलने के रास्तों की भी जांच किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
सत्य निकेतन में पहले भी हो चुका है हादसा
रिपोर्ट में सत्य निकेतन क्षेत्र में पहले हुई इमारत दुर्घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। यहां अप्रैल 2022 में भी एक इमारत गिरने की घटना सामने आई थी। लगातार हादसों के मद्देनजर रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि भवन निर्माण और सुरक्षा से जुड़े नियमों का जमीनी स्तर पर कितना पालन हो रहा है। ऐसे में क्षेत्र की इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा को जरूरी बताया गया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी MCD और DU को लगाई फटकार
सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने हादसे में सात लोगों की मौत पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने MCD और दिल्ली यूनिवर्सिटी को भी मामले में कड़ी फटकार लगाई है। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और MCD से 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
छात्र आवासों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
Satya Niketan PG Incident: सत्य निकेतन हादसे के बाद राजधानी में छात्रों के लिए संचालित पीजी और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट और हाई कोर्ट की सख्ती के बाद अब यह देखना अहम होगा कि दिल्ली में ऐसे भवनों की सुरक्षा जांच और नियमों के पालन को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।




