Vikram Mandavi On Kedar Kashyap: बस्तर के विकास पर सियासत तेज, विक्रम मंडावी ने मंत्री केदार कश्यप पर साधा निशाना, कहा-’17 साल 8 महीने में बस्तर को क्या दिया?’
रायपुर। Vikram Mandavi On Kedar Kashyap: छत्तीसगढ़ में बस्तर के विकास को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार प्रदेश सरकार को बस्तर के विकास और क्षेत्रीय समस्याओं के मुद्दे पर घेर रही है। कांग्रेस नेता दीपक बैज के बाद अब बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने मोर्चा संभालते हुए वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप पर तीखा हमला बोला है।
विक्रम मंडावी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मंत्री केदार कश्यप के नाम एक खुला पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने बस्तर से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और मंत्री के कार्यकाल को लेकर तंज कसा।
’17 साल 8 महीने में बस्तर को क्या मिला?’
अपने पत्र में विक्रम मंडावी ने सवाल उठाया कि 17 साल 8 महीने के कार्यकाल में बस्तर के लिए क्या किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि बस्तर से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार और जिम्मेदार मंत्री की ओर से अपेक्षित सक्रियता नजर नहीं आई। कांग्रेस विधायक ने बस्तर के विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल उठाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की है।
नारायणपुर की सड़कों को लेकर भी सवाल
विक्रम मंडावी ने नारायणपुर की बदहाल सड़कों का मुद्दा भी अपने पत्र में उठाया। उन्होंने क्षेत्र में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। इसके साथ ही उन्होंने बेरोजगारी, पलायन, आदिवासी जमीन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
‘बस्तर की उपेक्षा के लिए याद किया जाएगा कार्यकाल’
Vikram Mandavi On Kedar Kashyap: कांग्रेस विधायक ने अपने खुले पत्र में मंत्री केदार कश्यप के कार्यकाल पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल बस्तर की उपेक्षा के लिए याद किया जाएगा। विक्रम मंडावी ने बस्तर से जुड़े मुद्दों पर कथित तौर पर मौन रहने को लेकर भी मंत्री पर तंज कसा। उन्होंने अपने पत्र में व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘बस्तर के मुद्दों पर मौन रहने के लिए बधाई’ जैसी टिप्पणी की। बस्तर के विकास को लेकर कांग्रेस के लगातार हमलों के बीच विक्रम मंडावी का यह खुला पत्र अब प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





