Akshaya Tritiya 2026 : क्यों की जाती है अक्षय तृतीया पर गुड्डे-गुड़ियों की शादी? क्या है इस अनोखी परंपरा की वजह, जो है संस्कृति के बेहद करीब
Akshaya Tritiya 2026 : अक्षय तृतीया हिंदुओं के सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह दिन सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है जब लोग विभिन्न धार्मिक और शुभ कार्य करते हैं। अक्षय तृतीया का दिन गृह प्रवेश के लिए अति उत्तम माना जाता है। वहीं अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने का विधान है। कहते हैं कि सोना खरीदने से पूरे साल घर में मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। इस साल यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस त्योहार को छत्तीसगढ़ में अक्ती तिहार ( Akti Tihar) कहा जाता है। इस दिन मिट्टी से बने गुड्डे गुड़ियों की शादी पूरे रीति रिवाज से कराई जाती है। तो चलिए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह।
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कहा जाता है कि, जिन घरों में युवक- युवतियों के विवाह में विलंब हो रहा होता है। उनके द्वारा यह परंपरा काफी प्राचीन समय से चली आ रही हैं। जिसमें अक्षय तृतीया के दिन मिट्टी के गुड्डे- गुड़ियों का वट वृक्ष के नीचे विवाह रचाया जाता है। सांकेतिक रूप में दोनों की गांठ बांधी जाती है। ये गांठ फिर वट अमावस के दिन खोली जाती है। ऐसा करने से विवाह की संभावना तेज हो जाती है। साथ ही युवक-युवतियों की शादी में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं। अक्षय तृतीया के दिन छत्तीसगढ़ में मनाई जाने वाली यह अनोखी परंपरा संस्कृति के बेहद करीब है।
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Akshaya Tritiya 2026 : वहीं दूसरी मान्यता ये है कि, अक्षय तृतीया ( Akshaya Tritiya 2026 )के दिन बुजुर्ग अपने घर में नए मटकी में जल रखकर पितरों को याद कर नदी तालाब में तर्पण करते है। अक्ती तिहार पर छत्तीसगढ़ के हर घर में लगभग इस परंपरा को निभाया जाता है। इसके अलावा इस दिन किसान अपने खेतों में नए बीज डालते हैं। इस विवाह में घर के बच्चे अपने गुड्डा-गुड़िया का विवाह करते हैं। जिसमें घर के बड़े-बुजुर्ग भी शामिल होते हैं।




