फर्जी इंस्पेक्टर गिरफ्तार: ‘एसपीसीए बिहार’ का इंस्पेक्टर बता कर चेक पोस्ट पर करता था वसूली
गया जिले के डोभी पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया जो खुद को SPCA Bihar का इंस्पेक्टर बताकर छह साल से चेकपोस्ट पर सक्रिय था। जांच में पता चला है कि वह मवेशी तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

मुजफ्फरपुर/गया जी (डोभी)। गया जिले के डोभी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रह्मपुरा, मुजफ्फरपुर निवासी शैलेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस को यह सफलता गुप्त सूचना के आधार पर मिली, जब आरोपी को डोभी मोड़ के पास कार समेत पकड़ा गया।
थाना प्रभारी सुक्रांत कुमार ने बताया कि आरोपी खुद को SPCA Bihar का इंस्पेक्टर बताता था। उसकी वर्दी पर पुलिस के तीन स्टार और संस्था का नाम अंकित बैज लगा था। तलाशी में पुलिस को एक अटैची से डायरी, कई दस्तावेज, और 600 रुपये नकद मिले।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह व्यक्ति पिछले छह वर्षों से डोभी और बाराचट्टी थाना क्षेत्र में सक्रिय था तथा चेकपोस्ट से गुजरने वाले मवेशी परिवहन वाहनों से वसूली करता था। डायरी में कई नाम दर्ज हैं जिनमें मवेशी कारोबार से जुड़े तथाकथित सफेदपोश और कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हाल ही में नव पदस्थापित डीएसपी शेरघाटी (टू) अजय प्रसाद से मिलने गया था। बातचीत के दौरान डीएसपी को शक हुआ और हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी। इसके बाद आरोपी को डोभी थाने भेजा गया, जहां जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
थाना प्रभारी सुक्रांत कुमार ने बताया कि शैलेंद्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
इधर, मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना प्रभारी विजय लक्ष्मी ने बताया कि गया पुलिस ने अभी तक उनसे आधिकारिक रूप से संपर्क नहीं किया है। हालांकि, आरोपी के बैकग्राउंड की जानकारी जुटाने के लिए वे खुद गया पुलिस से संपर्क कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी की डायरी और अन्य दस्तावेज़ मवेशी तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकते हैं, और आने वाले दिनों में कई सफेदपोशों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।




