Raipur News: छत्तीसगढ़ी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल कराने की तैयारी, छत्तीसगढ़ी भाषाविदों से मिले राज्यपाल रमेन डेका
रायपुर। Raipur News: छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में पहल तेज होती नजर आ रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ी भाषाविदों ने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर भाषा को 8वीं अनुसूची में स्थान दिलाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ी भाषा के इतिहास, साहित्य और उसके संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए आवश्यक दस्तावेज और सामग्री तैयार करने पर भी चर्चा हुई।

समिति के गठन पर चर्चा
छत्तीसगढ़ी को 8वीं अनुसूची में शामिल कराने के प्रयासों को व्यवस्थित रूप देने के लिए एक समिति गठित किए जाने की बात सामने आई है। यह समिति भाषा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों और दस्तावेजों को एकत्र करने का काम करेगी। समिति के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के इतिहास और साहित्य का संकलन किया जाएगा। साथ ही भाषा के विकास और वर्तमान स्वरूप से संबंधित सामग्री को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
व्याकरण और शब्दकोश भी होंगे तैयार
प्रस्तावित प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ी भाषा के व्याकरण और शब्दकोश को भी संकलित किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य भाषा की समृद्धता और उसके व्यवस्थित स्वरूप को दस्तावेज के रूप में सामने रखना है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ी भाषा के संबंध में विद्वानों और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे, ताकि 8वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
राज्यपाल से हुई महत्वपूर्ण चर्चा
Raipur News: राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात के दौरान भाषाविदों ने छत्तीसगढ़ी की ऐतिहासिक, साहित्यिक और भाषाई विशेषताओं से उन्हें अवगत कराया। 8वीं अनुसूची में शामिल होने से भाषा को मिलने वाली संवैधानिक पहचान और उसके संरक्षण की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अब समिति के गठन और भाषा से संबंधित दस्तावेजों के संकलन की प्रक्रिया को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ी को राष्ट्रीय स्तर पर संवैधानिक पहचान दिलाने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।



