Surguja News: पैरेंट्स ध्यान दें…अब नाबालिगों के वाहन चलाने पर अभिभावकों पर भी होगी कार्रवाई, जुर्माने का भी प्रावधान
सरगुजा। Surguja News: सरगुजा में नाबालिगों के हाथ में बाइक और कार देने वाले माता-पिता और वाहन मालिक अब पुलिस के रडार पर हैं। सड़क पर कम उम्र के बच्चों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जागरूकता अभियान के बाद अब सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि नाबालिगों का वाहन चलाना सिर्फ उनकी अपनी सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है, बल्कि इससे सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। इसी को देखते हुए सरगुजा रेंज पुलिस की ओर से पहले लोगों को नियमों और इसके खतरों के बारे में जागरूक किया गया।
स्कूलों और एजुकेशन इंस्टीट्यूट में चला जागरूकता अभियान
सरगुजा रेंज पुलिस ने 30 जुलाई से 14 अगस्त तक स्कूलों और विभिन्न एजुकेशन इंस्टीट्यूट में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और अभिभावकों को भी समझाया गया कि कम उम्र में बाइक, स्कूटर या कार चलाने से दुर्घटना का खतरा कितना बढ़ जाता है।
पुलिस ने बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देने के साथ यह भी बताया कि नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने की अनुमति न दें।
जागरूकता के बाद अब कार्रवाई की तैयारी
पुलिस के मुताबिक जागरूकता अभियान के बाद अब नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई नाबालिग बाइक, कार या अन्य मोटर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो कार्रवाई केवल बच्चे तक सीमित नहीं रहेगी। वाहन मालिक और अभिभावक की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। पुलिस अब ऐसे मामलों में यह भी जांच करेगी कि नाबालिग को वाहन किसने उपलब्ध कराया और वाहन चलाने की अनुमति कैसे मिली।
25 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने पर माता-पिता या वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। नियमों के उल्लंघन पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा नाबालिग के वाहन चलाने के दौरान अगर कोई सड़क हादसा होता है, तो मामले की परिस्थितियों के आधार पर वाहन मालिक या अभिभावक को कानूनी और आर्थिक जिम्मेदारी का सामना करना पड़ सकता है। बीमा से जुड़े मामलों में भी इसका असर पड़ सकता है।
पुलिस का स्पष्ट संदेश—पहले समझाया, अब कार्रवाई
सरगुजा रेंज पुलिस का संदेश साफ है। पहले जागरूक किया गया, अब नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी। पुलिस का उद्देश्य अभिभावकों को जिम्मेदारी का एहसास कराना और नाबालिगों को सड़क पर वाहन चलाने से रोकना है। पुलिस का मानना है कि बच्चों को वाहन सौंपने से पहले अभिभावकों को न केवल उनकी सुरक्षा, बल्कि सड़क पर दूसरे लोगों की जान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझना होगा।
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सड़क हादसों पर लगाम लगाने की कोशिश
Surguja News: इस अभियान के पीछे पुलिस का मुख्य उद्देश्य नाबालिगों के वाहन चलाने पर रोक लगाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। तेज रफ्तार, अनुभव की कमी और यातायात नियमों की जानकारी का अभाव कम उम्र के वाहन चालकों के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है। सरगुजा पुलिस अब जागरूकता के साथ-साथ नाबालिग वाहन चालकों, वाहन मालिकों और अभिभावकों पर भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो सकती है।




