West Bengal News: बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, अब पुजारियों और इमाम को नहीं मिलेगी सैलरी, CM ने बंद की ममता की ये योजना
कोलकाता। West Bengal News: पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए धर्म आधारित सरकारी सहायता योजनाओं को बंद करने का ऐलान किया है। राज्य कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इमाम, मोअज्जिन और पुजारियों को दिए जाने वाले मासिक भत्ते जून 2026 से बंद कर दिए जाएंगे।
सरकार की ओर से कहा गया है कि अब किसी भी धर्म विशेष के आधार पर आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि सूचना एवं संस्कृति विभाग और अल्पसंख्यक एवं मदरसा शिक्षा विभाग के तहत चल रही धर्म आधारित सहायता योजनाओं को समाप्त किया जा रहा है।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार “विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप योजना” को फिर से शुरू करेगी, जिसमें जाति और धर्म से ऊपर उठकर जरूरतमंद छात्रों को सहायता दी जाएगी।
West Bengal News: मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी धन शिक्षा और जनकल्याण पर खर्च किया जाएगा, न कि धर्म आधारित भत्तों पर। इस फैसले को लेकर राज्य में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे “समान नीति” की दिशा में कदम बताया है, जबकि विपक्ष इस फैसले पर सवाल उठा रहा है।




