BRICS Summit 2026: 18वें BRICS Summit की मेजबानी कर रहा भारत, वैश्विक सहयोग और विकास पर रहेगा फोकस, आज इन नेताओं से मिले PM मोदी
नई दिल्ली। BRICS Summit 2026: भारत की मेजबानी में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ पार्टनर देशों के प्रमुख भी हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे।
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क्या है थीम
इस वर्ष भारत की BRICS अध्यक्षता का मुख्य विषय “‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’” रखा गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Humanity First’ दृष्टिकोण के अनुरूप लोगों को केंद्र में रखकर सहयोग बढ़ाने की सोच को दर्शाता है। शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देश आपसी सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे। आर्थिक विकास, सुरक्षा, नवाचार, स्थिरता और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर नेताओं के बीच विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
25 से ज्यादा शहरों में हुए 350 से अधिक कार्यक्रम
भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन आयोजनों के जरिए BRICS सहयोग को तीन प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया—राजनीतिक एवं सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय तथा सांस्कृतिक एवं जनसंपर्क। शिखर सम्मेलन में सहयोग को व्यावहारिक स्वरूप देने और विकास केंद्रित परिणामों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
PM मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री से की मुलाकात
BRICS Summit से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। पीएम मोदी ने वियतनाम की पार्टनर कंट्री के रूप में BRICS में भागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए। दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मई 2026 में वियतनाम के कम्युनिस्ट पार्टी महासचिव एवं राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था। भारत और वियतनाम के संबंध साझा सभ्यतागत विरासत, आपसी विश्वास और सहयोग की मजबूत नींव पर आधारित बताए जाते हैं।
BRICS Summit को लेकर दिल्ली में कड़ी सुरक्षा
शिखर सम्मेलन के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है। VVIP और सुरक्षा काफिलों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई स्थानों पर यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की है। 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं और 35 से ज्यादा सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए गए हैं। भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में स्कूल, कॉलेज और कई कार्यालयों को बंद रखा गया है। दिल्ली से सटे सीमावर्ती इलाकों में भी वाहनों की जांच बढ़ाई गई है।
PM मोदी की कई देशों के नेताओं से अहम बैठकें
BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ व्यापार, सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिति और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का एजेंडा रहेगा।
11 सितंबर:
- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ वार्ता
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात
12 सितंबर:
- इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से बैठक
- मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से वार्ता
- अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात
- वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से बैठक
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक
- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री मोदी की वार्ता
13 सितंबर:
- कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव से मुलाकात
- फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से बैठक
- मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से वार्ता
- दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मुलाकात
- बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये से बैठक
- नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा से वार्ता
- युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो से मुलाकात
BRICS Summit 2026: BRICS Summit को भारत की कूटनीतिक सक्रियता और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिहाज से अहम मंच माना जा रहा है। सम्मेलन के दौरान होने वाली बैठकों और चर्चाओं से विभिन्न क्षेत्रों में नए सहयोग की संभावनाएं सामने आने की उम्मीद है।




