Ayushman Yojana Fraud Case: आयुष्मान योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा, 16 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द, रायपुर के सबसे ज्यादा अस्पताल शामिल
जांच के दौरान सामने आया कि कुछ अस्पतालों ने मरीजों से योजना के तहत मुफ्त इलाज के बावजूद अतिरिक्त रकम वसूली। वहीं, कई अस्पतालों में बिना चिकित्सकीय जरूरत मरीजों को भर्ती करने, इलाज के पैकेज में गलत कोड दर्ज कर अधिक भुगतान लेने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसी शिकायतें सही पाई गईं।
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मरीजों से अतिरिक्त वसूली के सबसे ज्यादा मामले
स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, कुल 16 अस्पतालों में से 11 अस्पतालों में मरीजों से इलाज के नाम पर निर्धारित राशि से ज्यादा पैसे लेने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 7 अस्पतालों में बिना जरूरत मरीजों को भर्ती किया गया था। जांच में 5 अस्पतालों द्वारा इलाज के पैकेज की गलत कोडिंग कर अधिक राशि लेने, 6 अस्पतालों में एजेंटों के माध्यम से मरीजों को अस्पताल तक लाने और 2 अस्पतालों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले भी सामने आए हैं।
रायपुर के 8 अस्पतालों पर गिरी गाज
राजधानी रायपुर में सबसे ज्यादा अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। जांच में इन अस्पतालों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं।
- श्री अनंत साई अस्पताल: एजेंटों के माध्यम से मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की गड़बड़ी मिली।
- एसके केयर अस्पताल: मरीजों से अतिरिक्त पैसे लेने और एजेंटों के जरिए मरीज लाने का मामला सामने आया।
- श्री महावीर अस्पताल: मरीजों से निर्धारित राशि से अधिक वसूली की पुष्टि हुई।
- श्रीनिवास अस्पताल: फर्जी दस्तावेज तैयार करने और एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने की अनियमितता मिली।
- वरदान अस्पताल: इलाज के पैकेज में गलत कोडिंग, जरूरी दस्तावेजों की कमी और एजेंटों के जरिए मरीज लाने का मामला मिला।
- सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज: मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत सही पाई गई।
- हेरिटेज अस्पताल: अतिरिक्त वसूली, गलत पैकेज कोडिंग और एजेंटों के जरिए मरीज लाने की गड़बड़ी मिली।
- श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल: मरीजों से अधिक पैसे लेने, पैकेज में गलत कोडिंग और एजेंटों के माध्यम से मरीज लाने के मामले सामने आए।
दुर्ग से बिलासपुर तक इन अस्पतालों पर भी कार्रवाई
रायपुर के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के अस्पताल भी स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के दायरे में आए हैं।
दुर्ग: पल्स अस्पताल में इलाज के पैकेज की गलत कोडिंग और मरीजों से अतिरिक्त वसूली का मामला मिला। वहीं, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में बिना जरूरत मरीजों को भर्ती करने और उनसे अधिक पैसे लेने की पुष्टि हुई।
कोंडागांव: नेताम अस्पताल एवं इन्फर्टिलिटी सेंटर में मरीजों से निर्धारित राशि से ज्यादा पैसे लेने की अनियमितता सामने आई।
कोरबा: हरि कृष्णा केयर अस्पताल में अतिरिक्त वसूली के साथ बिना जरूरत मरीजों को भर्ती करने का मामला मिला।
बस्तर: स्वामी चंद्रशेखरानंद अस्पताल में अनावश्यक भर्ती, गलत पैकेज कोडिंग और मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने की गड़बड़ी पाई गई।
कबीरधाम: जय जगन्नाथ हेल्थकेयर में मरीजों से अधिक पैसे लेने की शिकायत जांच में सही निकली।
बिलासपुर: अशोक प्रसूति मंदिर में गलत पैकेज कोडिंग, अतिरिक्त चार्ज और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की अनियमितताएं मिलीं। वहीं, केयर एन क्योर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने का मामला सामने आया।
तीन अस्पतालों को मिली क्लीन चिट
जांच के दौरान 19 अस्पतालों में से तीन अस्पतालों में कोई बड़ी अनियमितता नहीं मिली। इनमें बिलासपुर का मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम, रायपुर का विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी अस्पताल शामिल हैं।
नर्सिंग होम एक्ट के तहत भी होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त संचालक इंद्रजीत बर्मन के मुताबिक, जांच में अनियमितताएं पाए जाने के बाद संबंधित अस्पतालों के खिलाफ आयुष्मान योजना के तहत कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही नर्सिंग होम एक्ट के तहत भी अलग से जांच और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल 16 अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत पंजीयन निरस्त किया गया है। नर्सिंग होम एक्ट के तहत होने वाली कार्रवाई इससे अलग होगी।
Ayushman Yojana Fraud Case: इस कानून के तहत अस्पतालों के पंजीयन, संचालन, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, प्रशिक्षित स्टाफ और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के निर्धारित मानकों की जांच की जाती है। यदि इस जांच में भी गंभीर खामियां सामने आती हैं, तो संबंधित अस्पतालों का नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन भी निरस्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब प्रदेश के निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है।




