Pandariya News: श्मशान घाट का जर्जर भवन गिरा, मलबे में दबकर 10 बकरियों की मौत, पहले भी हुई थी शिकायत
पंडरिया। Pandariya News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडरिया नगर में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। नगर पालिका क्षेत्र के आबादी वाले इलाके में स्थित श्मशान घाट परिसर का एक पुराना और जर्जर भवन अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद एक महिला और दो बच्चों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। वहीं, भवन के मलबे में दबने से कई बकरियों की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। भवन के नीचे यादव परिवार की बकरियां बैठी हुई थीं। अचानक इमारत गिरने से 15 से 20 बकरियां मलबे में दब गईं। बताया जा रहा है कि इस घटना में 9 से 10 बकरियों की मौत हो गई, जबकि 7 से 8 बकरियां गंभीर रूप से घायल हैं।
नगर पालिका और पशु चिकित्सा विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। मलबे में फंसे पशुओं को बाहर निकाला गया। घायल बकरियों का पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों द्वारा उपचार किया जा रहा है। हादसे में महिला और दोनों बच्चों के सुरक्षित बचने से बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, बेजुबान पशुओं की मौत से प्रभावित परिवार को नुकसान उठाना पड़ा है।
15 साल पुराने भवन की जर्जर हालत पर पहले भी उठी थी शिकायत
स्थानीय लोगों के अनुसार, श्मशान घाट परिसर में स्थित यह भवन करीब 15 साल पुराना था और लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। भवन की खराब स्थिति को लेकर पहले भी नगर पालिका प्रशासन को शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद भवन की मरम्मत कराने या उसे सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए समय रहते कोई ठोस कदम उठाया गया या नहीं, यह जांच का विषय है। अब भवन के ढहने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर भवन की स्थिति का आकलन कर जरूरी कार्रवाई की जाती, तो इस हादसे से बचा जा सकता था।
परिसर के अन्य पुराने भवनों पर भी खतरा
स्थानीय लोगों ने बताया कि श्मशान घाट परिसर में दो से तीन अन्य भवन भी मौजूद हैं, जो करीब 20 से 25 साल पुराने बताए जा रहे हैं। इन भवनों की स्थिति भी ठीक नहीं होने की बात कही जा रही है। लोगों को आशंका है कि यदि इन इमारतों की समय पर जांच और मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में कोई और बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में नगर पालिका प्रशासन से परिसर के सभी पुराने भवनों का निरीक्षण कराने और खतरे वाले भवनों को सुरक्षित करने की मांग उठ रही है।
श्मशान घाट की जमीन पर कब्जे का मामला भी चर्चा में
इस घटना के बाद श्मशान घाट की जमीन पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि परिसर की भूमि पर करीब 25 से 30 परिवार रह रहे हैं। इस मामले में नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, नगर पालिका पंडरिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) यमन देवांगन ने बताया कि श्मशान घाट की जमीन पर रहने वाले लोगों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन वे वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। सीएमओ ने कहा कि उन्हें नगर पालिका का प्रभार संभाले अभी करीब पांच से छह महीने ही हुए हैं। आगे इस मामले में क्या उचित कार्रवाई की जा सकती है, इस पर गंभीरता से पहल की जाएगी।
हादसे ने नगर पालिका की व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
Pandariya News: पंडरिया में जर्जर भवन गिरने की इस घटना ने पुराने सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में महिला और दो बच्चों की जान बच गई, लेकिन कई बकरियों की मौत ने प्रभावित परिवार को नुकसान पहुंचाया है।




