UP Police Recruitment: CM योगी ने 4,543 नए सब इंस्पेक्टरों को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा-‘अब धौंस या सिफारिश के दम पर नौकरी पाना आसान नहीं’
पिछली सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखा है। उनके मुताबिक, 2017 से पहले पुलिस भर्ती में पारदर्शिता की उम्मीद करना भी मुश्किल था। उन्होंने 2012 से 2017 के बीच हुई भर्तियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान कई मामलों में आवेदन किसी और ने किया, जबकि नौकरी किसी दूसरे व्यक्ति को मिल गई। ऐसे कई मामले अभी भी अदालतों में विचाराधीन हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने भर्ती व्यवस्था को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने का काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की संपत्ति जब्त करने का निर्णय होने पर उन्हें खुशी होगी।
साढ़े नौ साल में 9.5 लाख नियुक्तियों का दावा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान प्रदेश में लगभग 9.5 लाख नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं। सरकार ने एक लाख अतिरिक्त नियुक्तियां देने का लक्ष्य रखा था, जिसे पार करने का भी उन्होंने दावा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न विभागों में भर्ती और नियुक्ति की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, दिवाली के बाद राजस्व विभाग में 1,200 से अधिक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा 4,000 होमगार्ड और 32 हजार पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती से संबंधित नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। वहीं, 25 हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी चल रही है।
यूपी पुलिस में 2017 से अब तक 2.26 लाख से अधिक भर्तियां
UP Police Recruitment: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस में 2 लाख 26 हजार से ज्यादा भर्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना और सरकारी विभागों में खाली पदों को भरना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम के दौरान योगी ने कुछ अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र रोके जाने का भी जिक्र किया। इस पर उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जब सरकार तीसरी बार सत्ता में आएगी, तब उन्हें भी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।




