UP Crime News: चंद रुपए के लिए रिश्तों का कत्ल, हिस्सा न देना पड़े इसलिए भाई-भाभी ने की बहन की हत्या, खुलासा होते ही हैरान हुए लोग
बाराबंकी। UP Crime News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक भाई पर अपनी ही बहन की हत्या कर दी है। पुलिस के मुताबिक, महादेवा कॉरिडोर परियोजना के तहत मकान जाने के बदले मिलने वाले करीब 42 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर यह वारदात हुई। मामले में पुलिस ने मृतका के भाई संदीप और उसकी पत्नी शीतल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामला रामनगर थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मन्नू की 30 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उसके सिर और चेहरे पर ईंट से कई वार किए गए, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
42 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर था विवाद
पुलिस के अनुसार, आरोपी संदीप का मकान महादेवा कॉरिडोर परियोजना की जद में आ गया था। मकान के अधिग्रहण के बदले उसे करीब 42 लाख रुपये का मुआवजा मिलने वाला था। आरोप है कि संदीप और उसकी पत्नी शीतल नहीं चाहते थे कि इस रकम में मन्नू को कोई हिस्सा देना पड़े। पुलिस का दावा है कि इसी मुआवजे की रकम को लेकर दोनों के मन में लालच आ गया और उन्होंने मन्नू को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि 30 अक्टूबर को दोनों ने मिलकर मन्नू पर ईंट से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
नामजद शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मन्नू की हत्या के मामले में उसके भाई संदीप और भाभी शीतल के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मंगलवार को बाराबंकी के एडिशनल एसपी (नॉर्थ) विवेक तिवारी ने बताया कि स्वाट, सर्विलांस और रामनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे महादेवा कॉरिडोर परियोजना के तहत मिलने वाले मुआवजे की रकम को लेकर विवाद था।
कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजे गए आरोपी
UP Crime News: पुलिस ने संदीप और उसकी पत्नी शीतल को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। महादेवा कॉरिडोर परियोजना के तहत मिलने वाले 42 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब हत्या के गंभीर आरोप तक पहुंच गया है। पुलिस का दावा है कि बहन को मुआवजे में हिस्सा न देना पड़े, इसी वजह से उसकी हत्या की गई। हालांकि, मामले में आरोपियों के खिलाफ अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।




