Dhanteras 2026: Dhanteras 2026: 5 या 6 नवंबर कब है धनतेरस, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना रहेगा शुभ-अशुभ
धनतेरस को खरीदारी के लिए भी बेहद शुभ दिन माना जाता है। इस दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदकर घर लाते हैं। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक कुछ चीजों की खरीदारी शुभ मानी जाती है, जबकि कुछ वस्तुओं को खरीदने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
6 नवंबर को मनाया जाएगा धनतेरस 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर, शुक्रवार को सुबह लगभग 9 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 7 नवंबर को सुबह करीब 11 बजकर 45 मिनट पर होगा। उदय और प्रदोष काल से जुड़ी धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस वर्ष धनतेरस का पर्व 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
धनतेरस 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, 6 नवंबर को शाम 5 बजकर 49 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। इस अवधि में श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं।
धनतेरस पर किन चीजों की खरीदारी मानी जाती है शुभ?
धनतेरस के अवसर पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा काफी पुरानी है। इसके अलावा पीतल और तांबे के बर्तन, झाड़ू तथा घर के उपयोग की नई वस्तुएं खरीदना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लेकर आती हैं।
इन चीजों को खरीदने से करें परहेज
Dhanteras 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। इस दिन लोहे की वस्तुएं, नुकीली चीजें और काले रंग की वस्तुएं खरीदने से परहेज करने की परंपरा है। हालांकि, ये मान्यताएं धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं। धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली उत्सव का शुभारंभ हो जाएगा। ऐसे में बाजारों में भी रौनक बढ़ने और लोगों के बीच खरीदारी को लेकर उत्साह देखने को मिलेगा।



