CGPSC Scam: CG PSC घोटाले में बड़ा खुलासा, ED की चार्जशीट में 7 आरोपी, 3.28 करोड़ की अवैध कमाई का दावा
रायपुर। CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत सात लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। यह शिकायत 99 पन्नों की है, जबकि इसके साथ करीब 3,700 पन्नों के दस्तावेज भी लगाए गए हैं।
ED की जांच 2020 और 2021 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े मामले में चल रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कथित रिश्वत और अवैध कमाई से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आई है।
सात लोगों को बनाया गया आरोपी
ED की अभियोजन शिकायत में पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण गोयल, तत्कालीन CGPSC उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर, उत्कर्ष चंद्राकर, उनके भाई अनिल चंद्राकर, मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास चंद्राकर और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD रहे तथा वर्तमान में अतिरिक्त कलेक्टर चेतन बोरघरिया के नाम शामिल हैं।
45 लाख रुपये की रकम का ED ने किया जिक्र
ED के मुताबिक, 2021 की राज्य सेवा परीक्षा में एक कारोबारी के बेटे और बहू को कथित तौर पर लाभ पहुंचाने के बदले टामन सिंह सोनवानी को 45 लाख रुपये दिए गए थे। एजेंसी का दावा है कि इस रकम को सीधे रिश्वत के तौर पर दिखाने के बजाय एक संस्था के माध्यम से CSR फंडिंग के रूप में प्रदर्शित किया गया। एजेंसी अब इस लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और पैसों के प्रवाह की जांच कर रही है। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोप हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।
उम्मीदवारों से पैसे लेने का भी आरोप
ED की जांच के अनुसार, 2021 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षा में कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर चयन या परीक्षा प्रक्रिया में लाभ दिलाने के नाम पर रकम जुटाई गई। एजेंसी ने दावा किया है कि उत्कर्ष चंद्राकर और उससे जुड़े लोगों ने उम्मीदवारों से 3 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम कथित तौर पर एकत्र की। ED के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक 3.28 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) चिन्हित की गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री के OSD रहे अधिकारी भी आरोपी
मामले में चेतन बोरघरिया का नाम भी ED की कार्रवाई में सामने आया है। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में OSD के तौर पर पदस्थ रह चुके हैं और वर्तमान में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर हैं। ED ने उन्हें सितंबर 2026 में PMLA के तहत गिरफ्तार किया था। ED की अभियोजन शिकायत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल से जुड़े कथित हस्तक्षेप और प्रशासनिक भूमिका से संबंधित दावों का भी उल्लेख होने की रिपोर्ट सामने आई है। इन दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य अलग से महत्वपूर्ण होंगे।
3,700 पन्नों के दस्तावेजों के साथ दाखिल हुई शिकायत
ED ने विशेष PMLA अदालत में 99 पन्नों की अभियोजन शिकायत के साथ करीब 3,700 पन्नों के दस्तावेज पेश किए हैं। एजेंसी की जांच में डिजिटल उपकरणों, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री भी शामिल है। इससे पहले 1 सितंबर को ED ने रायपुर, दुर्ग और जशपुर में पांच स्थानों पर तलाशी ली थी और मामले में उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए गए थे।
जांच अभी जारी
CGPSC Scam: CGPSC मामले में ED की कार्रवाई अभी जारी है। अभियोजन शिकायत दाखिल होने के बाद अदालत में आरोपों और साक्ष्यों की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच एजेंसी की ओर से सामने रखे गए दावों की पुष्टि या खंडन न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।




